पशुपालक परेशान:लंपी वायरस अब 62 गांव में फैला, वैक्सीन भी खत्म

कराहल2 महीने पहले
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लंपी वायरस का राेग जिले में बढ़ता ही जा रहा है, इससे प्रभावित गांव की संख्या 62 हाे गई है, वहीं 144 करीब मवेशी भी इससे पीड़ित बताए गए हैं। खासबात यह है कि जब लंपी का वायरस बढ़ता जा रहा है, तब जिले में लंपी वायरस के लिए उपलब्ध कराई गई, 5 हजार वैक्सीन खत्म हाे गई है अाैर जिले में अब इसके लिए वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। हालांकि उप संचालक पशु चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं दावा कर रहे हैं कि उनकाे सुबह तक ही वैक्सीन मिल जाएगी, 2000 वैक्सीन ग्वालियर से उपलब्ध हाे रही हैं, जिन्हें लेने के लिए लड़का रवाना कर दिया गया है।

इसलिए वैक्सीन काे लेकर चिंता की बात नहीं है। उन्होंने यह भीदावा किया है कि जिले में लंपी वायरस पीड़ित गाय काे इलाज के बाद न सिर्फ लाभ मिल रहा है, बल्कि वह ठीक भी हाे रही हैं। 40 गाय अब तक पूरी तरह से ठीक हाे चुकी हैं। उन्होंने बताया है कि टीम के सदस्य सूचना के साथ ही संबंधित गांव में पहुंचकर मवेशियाें का इलाज कर रहे हैं। उनका यह भी दावा है कि लंपी से बचाव के लिए उन्होंने वैक्सीन की डिमांड भेजी हुई है, जल्द ही उनके जिले काे 42 हजार करीब वैक्सीन दिए जाने का अाश्वासन उच्च स्तर से दिया गया है।

कराहल के गांव में शिविर लगाकर 147 गायाें का किया टीकाकरण, संदिग्ध का इलाज भी किया
कराहल। लंपी स्किन डिसीज मच्छरों और मक्खियों द्वारा फैलाए जाने वाला संक्रमित रोग है। जो एक पशु से दूसरे में फैलता है। लेकिन यह रोग जानवरों से इंसानों में ट्रांसफर नहीं होता इसलिए बीमार मवेशियों का इलाज कराएं उन्हें अपने से दूर ना करें। यह बात खैरी गांव में लंपी स्किन डिसीज रोग से बचाव हेतु आयोजित टीकाकरण एवं उपचार जागरूकता शिविर में डॉ आरएन शाक्य ने ग्रामीणों को बीमारी से संबंधित जानकारी और बचाव के उपाय बताते हुए कही।

टीकाकरण स्वास्थ्य जागरूकता शिविर के क्रम में पशु चिकित्सा विभाग कराहल की टीम ग्राम खैरी में नि:शुल्क लंपी स्किन डिसीज से बचाव के लिए टीकाकरण एवं उपचार शिविर लगाया। ब्लॉक पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएन शाक्य ने ग्रामीणों को बताया की लंपी स्किन डिसीज एक विषाणु जनित रोग है जो संक्रमित पशु से मच्छर मक्खी द्वारा काटने से स्वस्थ पशु में फैलता है। यह बीमारी संक्रमित पशु से इंसानों में नहीं फैलती है । उन्होंने इस रोग से ग्रसित मवेशियों की पहचान के लिए बताया कि इस रोग के प्रमुख लक्षण संक्रमित पशु को तेज बुखार, आंख नाक से पानी आना, गर्वित पशु मैं गर्भपात ,शरीर पर दो से 5 सेंटीमीटर आकार की गठानें बन जाती है।

स्थिति नियंत्रण में
"लंपी वायरस काे लेकर स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। इससे प्रभावित जाे मवेशी हैं उनका इलाज किया जा रहा है अाैर उनकाे लाभ मिल रहा है, वैक्सीन लाने के िलए स्टाफ से लड़का भेजा हुअा है, गुरुवार काे ही वैक्सीन के डाेज अा जाएंगे।" - डाॅ. सुभाष दाैहरे, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं

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