पुलिस प्रशासन के सामने थी बढ़ी चुनाैती:श्याेपुर पहला जिला, जहां एक दिन में हुए पीएम के दाे कार्यक्रम

श्याेपुर14 दिन पहले
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पंचायत स्तर की संभवत: कराहल ऐसी पहली तहसील बन गई है, जहां पर एक ही दिन के अंदर प्रधानमंत्री के दाे कार्यक्रम हुए हैं। यही वजह है कि 17 सितंबर का दिन चीता रिलीज के नाम पर ताे इतिहास रच ही गया है, साथ ही यह उपलब्धी भी जिलेवासियाें काे दे गया है कि उन्हाेंने संसाधन विहीन एक छाेटी सी तहसील में प्रधानमंत्री के दाे सफल कार्यक्रम कराए हैं। इतने बढ़े कार्यक्रम काे बेल मेंटेन ढंग से कराने काे लेकर एसपी आलोक कुमार सिंह का कहना है कि एक रणनीतिक स्ट्रेटजी से सब संभव है, हमने भी वही किया।

एसपी आलोक कुमार सिंह ने कहा कि इसके लिए थाेड़ा मेहनत जरूर ज्यादा करना पड़ी, उन्हाेंने कहा कि यह मान लाे कि 7 सितंबर से 17 सितंबर तक की जाे अवधि रही उसमें घर अाना ही नहीं हुअा, अाए भी ताे सिर्फ कभी कभी अाैर वह भी ड्रेस चेंज करने अाैर फ्रेश हाेने। 16 सितंबर का उदाहरण देते हुए पुलिस कप्तान ने बताया कि 16 सितंबर काे जिले में 36 मंत्री अाैर ढेराें वीवीअाईपी थे, एेसे में रात ढाई बजे घर अाया, कपड़े बदलकर चार बजे वापस कूनाे नेशनल पार्क के लिए निकल गया।

कम से कम छह घंटे लगते
भिंड में पदस्थ सूबेदार अखिलेश शर्मा ने बताया है कि डबल राेड पर दाे से ढाई हजार बसाें का ट्रैफिक क्लीयर कराने में भारी पुलिस फाेर्स के साथ भी प्रयास किए जाएं ताे कम से कम 5-6 घंटे लग जाते हैं, श्याेपुर पुलिस ने 3.50 घंटे में यह करके बाकई अच्छा काम किया है।

जवानाें काे ठहराने , ड्यटी स्थल पहुंचाना थी बढ़ी चुनाैती
एसपी अालाेक कुमार सिंह ने माना कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम तय हाेने के बाद पांच हजार पुलिस फाेर्स तैनात किया गया, इसमें कई अाईपीएस स्तर के अधिकारी लगाए गए। उन सभी काे ठहराना, खाने का प्रबंध के साथ उनकाे सभा स्थल तक पहुंचाना भी एक बढ़ी चुनाैती थी।

कुछ यूं बनाई रणनीति: पुलिस कप्तान अालाेक कुमार सिंह ने बताया है कि जब 7 सितंबर काे पीएम के अाने की जानकारी हुई ताे सबसे पहले कलेक्टर शिवम वर्मा अाैर हमने साथ बैठकर स्थानीय संसाधनाें काे सूचीबद्ध किया, इसके बाद संभागीय स्तर से संसाधनाें की जानकारी की अाैर बाद में उन संसाधनाें काे लिस्टेड किया, जाे संभाग में भी नहीं थे, फिर उनकाे किराए पर ताे अधिग्रहित अादि तरीके से जिले में सेवा में लगाया गया।

कुछ यूं बनाई रणनीति

पुलिस कप्तान अालाेक कुमार सिंह ने बताया है कि जब 7 सितंबर काे पीएम के अाने की जानकारी हुई ताे सबसे पहले कलेक्टर शिवम वर्मा अाैर हमने साथ बैठकर स्थानीय संसाधनाें काे सूचीबद्ध किया, इसके बाद संभागीय स्तर से संसाधनाें की जानकारी की अाैर बाद में उन संसाधनाें काे लिस्टेड किया, जाे संभाग में भी नहीं थे, फिर उनकाे किराए पर ताे अधिग्रहित अादि तरीके से जिले में सेवा में लगाया गया।

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