श्रीमद्भागवत कथा का छटवां दिन:कथा पंडाल में गूंजी श्रीकृष्ण-रूकमणी विवाह की शहनाई

श्योपुर14 दिन पहले
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श्योपुर शहर के शिवपुरी रोड पर स्थित पुराने आशीर्वाद ट्रांसपोर्ट ग्राउंड में शनिवार को श्रीकृष्ण-रूकमणी विवाह का प्रसंग हुआ, इस मौके पर कथा पंडाल में भगवान के विवाह की शहनाईं गूंज उठी। जिससे पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से नृत्य कर भगवान को बधाई दी।

कथा व्यास भागवत भास्कर पं. श्रीकृष्णचंद शास्त्री ठाकुर ने कहा कि रूकमणी भगवान की माया के समान थीं, रूकमणी ने मन ही मन यह निश्चित कर लिया था कि भगवान श्री कृष्ण ही मेरे लिए योग्य पति हैं लेकिन रूकमणी का भाई रूकमी श्रीकृष्ण से द्वेष रखता था। इससे उसने उस विवाह को रोक कर, शिशुपाल को रूकमणी का पति बनाने का निश्चय किया, इससे रूकमणी को दुःख हुआ। उन्होंने अपने एक विश्वासपात्र को भगवान श्रीकृष्ण के पास भेजा साथ ही अपने आने का प्रयोजन बताया। इसके बाद श्री कृष्ण जी विदर्भ जा पहुंचे। उधर, रूकमणी का शिशुपाल के साथ विवाह की तैयारी हो रही थी। परंतु उनकी प्रार्थना का असर हुआ और श्री कृष्ण का विवाह रूकमणी ​​​​​​​के साथ हुआ।

कथा के दौरान शुक्रवार को लगाए गए छप्पन भोग का प्रसाद वितरित किया गया एवं कथा के मुख्य यजमान पवन कुमार गुप्ता और उनके परिवार ने महाआरती की।

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