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कूनो में दो चीतों को बड़े बाड़े में छोड़ा, VIDEO:पीएम मोदी बोले -ग्रेट न्यूज, सभी चीते स्वस्थ

श्योपुरएक महीने पहले

मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 8 में से 2 चीतों को बड़े बाड़े में छोड़ा गया। इन्हें नामीबिया से लाया गया था। पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन 17 सितंबर को इन्हें कूनो पार्क में छोड़ा था। चीते 50 दिन से क्वारेंटाइन एरिया में थे। 6 चीते अभी भी क्वारेंटाइन एरिया में ही हैं। इन्हें बाद में छोड़ा जाएगा।

चीतों को बड़े बाड़े में छोड़े जाने पर पीएम मोदी ने भी खुशी जताई है। उन्होंने इसका वीडियो शेयर करते हुए कहा कि मुझे यह जानकर खुशी हुई कि सभी चीते स्वस्थ हैं। अच्छी तरह से तालमेल बिठा रहे हैं। खास बात यह है कि एक मादा चीता का नाम PM मोदी ने आशा रखा है।

पीएम ने कहा-सभी चीते स्वस्थ

शिकार के लिए जानवरों की व्यवस्था
दो नर चीतों को शनिवार शाम गेट नंबर 4 से बड़े बाड़े में छोड़ा गया। टास्क फोर्स ने कहा कि चीतों को ज्यादा दिन छोटे बाड़े में रखना ठीक नहीं है। अब जल्द ही बाकी छह को भी छोड़ा जाएगा। DFO पीके वर्मा ने बताया कि अभी केवल नर चीतों को बड़े बाड़े में छोड़ा गया है, जहां इनके शिकार के लिए हिरन, चीतल जैसे छोटे जानवर मौजूद हैं। भारत लाने से पहले इन चीतों को 30 दिन नामीबिया में भी क्वारंटीन किया गया था। भारत में ये 50 दिन क्वारंटीन रहे। इस तरह अब 80 दिन बाद इन्हें बड़े बाड़े में शिकार करने का मौका मिलेगा।

कूनो अभयारण्य में छोटे बाड़े के गेट नंबर 4 से बड़े बाड़े में जाते चीते। 50 दिन बाद चीतों को उनका नया घर मिला।
कूनो अभयारण्य में छोटे बाड़े के गेट नंबर 4 से बड़े बाड़े में जाते चीते। 50 दिन बाद चीतों को उनका नया घर मिला।

बडे़ बाडे़ में दौड़ लगाते आए नजर
बडे़ बाडे़ में छोड़े गए चीते कुछ कदम धीरे-धीरे चले, माहौल समझने के बाद वे दौड़ लगाकर नए बाड़े में पहुंच गए। उनकी रफ्तार बता रही थी कि, वह लंबे समय से बंदिशों से आजाद होने का इंतजार कर रहे थे। नए बाडे़ में चीतों के शिकार के लिए हिरण, सांभर सहित तमाम तरह के छोटे वन्य जीव हैं। जिनका शिकार कर वह अपना पसंदीदा भोजन भी कर सकेंगे।

बड़े बाड़े में जाने के बाद दोनों चीते साथ में ही चहलकदमी करते दिखे।
बड़े बाड़े में जाने के बाद दोनों चीते साथ में ही चहलकदमी करते दिखे।

बाकी चीतों को भी जल्द बड़े बाड़े में करेंगे शिफ्ट
चीता टास्क फोर्स के सदस्य एनटीसीए के आइजी अमित मलिक, पीसीसीएफ वन्यजीव जेएस चौहान, वन बल प्रमुख आरके गुप्ता और चीता प्रोजेक्ट से जुड़े वैज्ञानिक और भारतीय वन्यजीव संस्थान के डीन वायवी झाला ने चीतों को बारी-बारी से छोड़ने पर सहमति जताई। बैठक में चर्चा हुई कि अब चीतों को अधिक दिन छोटे बाड़े में रखना ठीक नहीं है। यह मैसेज मिलते ही कूनो के अफसरों ने समय गंवाए बिना ही दो चीतों को रिलीज कर दिया। 6 चीते अब भी कूनो के छोटे बाड़े में हैं। इनमें 5 मादा और एक नर है। कूनो प्रशासन इन्हें भी चरणबद्ध तरीके से रिलीज करने की तैयारी कर रहा है।

कूनो के बड़े बाड़े में जाने के बाद रात में भी दोनों चीते साथ में ही घूमते दिखाई दिए। नए बाडे़ में चीतों के शिकार के लिए हिरण, सांभर सहित तमाम तरह के छोटे वन्य जीव हैं।
कूनो के बड़े बाड़े में जाने के बाद रात में भी दोनों चीते साथ में ही घूमते दिखाई दिए। नए बाडे़ में चीतों के शिकार के लिए हिरण, सांभर सहित तमाम तरह के छोटे वन्य जीव हैं।

8 चीतों में 2 सगे भाई भी
दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया विश्वविद्यालय में प्रो. एड्रियन ट्रोडिफ ने बताया कि भारत आए 8 चीतों में दो सगे भाई हैं। इनकी उम्र ढाई से साढ़े पांच साल के बीच है। चीते की औसत उम्र 12 साल होती है।

बिना बताए चीतों को छोड़ने पर वनमंत्री शाह नाराज
चीता टास्क फोर्स के अधिकारी पहले 7 नवंबर को चीता छोड़ने की तैयारी कर रहे थे। जिसमें वन मंत्री कुंवर विजय शाह और केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र सिंह के आने की भी चर्चाएं थी। लेकिन, अधिकारियों ने किसी को बुलाए बिना ही दो चीतों को रिलीज कर दिया। इस पर वन मंत्री ने नाराजगी भी जताई। उन्होंने सीएम शिवराज सिंह चौहान से शिकायत करने की बात कही है। मंत्री की नाराजगी से कूनो के अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति मची हुई है। इस वजह से बाकी चीतों को रिलीज करने की तारीख आगे कर सकते हैं।

मंत्री बोले-अफसरों ने लिया मनमाने ढंग से फैसला
बिना बताए चीते छोड़े जाने पर वन मंत्री विजय शाह नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि अफसरों ने जल्दबाजी में और मनमाने ढंग से यह फैसला किया है, इससे चीतों की जान खतरे में पड़ सकती है। वहां मौजूद तेंदुओं से टकराव की आशंका है। वन मंत्री ने कहा कि जिन चीतों के भारत की धरती पर लाने के लिए देश ने 70 साल लंबा इंतजार किया है, उनकी सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है। उनके बारे में जल्दबाजी और जनप्रतिनिधियों को सूचना दिए बगैर कोई काम करना गैर जिम्मेदाराना है। चीता प्रोजेक्ट से जुड़े एक्सपर्ट ने बताया कि सभी 8 चीते अब बड़े बाड़े में छाेड़े जाने की स्थिति में हैं। यदि कोई बाधा नहीं आई तो कुछ और चीताें काे रविवार काे रिलीज किया जा सकता है।

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नामीबिया से लाए गए चीतों को पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन पर कूनो नेशनल पार्क के बाड़े में छोड़ा। इसके एक घंटे तक चीते डरे सहमे नजर आए। बाड़े में छोड़े जाने के करीब 3 घंटे बाद चीतों ने पानी पीया, जिसके बाद उनमें फुर्ती नजर आई और उन्होंने भैंसे का मीट खाया। वन विभाग के एक अफसर के मुताबिक, चीते बाड़े में छोड़े जाने के बाद करीब 1 घंटे तक डरे-सहमे थे। ऐसा थकान की वजह से हुआ होगा, क्योंकि नामीबिया से कूनों तक 9 हजार किलोमीटर सफर के दौरान वे करीब 10 घंटे तक पिंजरे में रहे। पूरी खबर पढ़ें...

50 साल पहले लिखी गई चीते लाने की स्क्रिप्ट:गुजरात छोड़कर MP का चयन हुआ

कूनो में 17 सितंबर को नामीबिया से 8 चीते लाए गए। इस मेगा इवेंट पर देश-दुनिया की नजर थी, क्योंकि यह चीतों की इस तरह की पहली शिफ्टिंग थी। भले ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भारत में 70 साल बाद चीते दिखे, लेकिन इस प्रोजेक्ट के पीछे मप्र कैडर के 1961 बैच के आईएएस अफसर एमके रंजीत सिंह की 50 साल की मेहनत है। उन्होंने 1972 में भारत को फिर से चीतों का घर बनाने का आइडिया सबसे पहले दिया और इस प्रोजेक्ट का ड्राफ्ट तैयार किया था। तब ईरानी चीतों को लाने का एग्रीमेंट इस शर्त के साथ हुआ था कि भारत उन्हें लायन देगा। पूरी खबर पढ़ें...