घर-घर तिरंगा अभियान:निजी स्कूलों में गणवेश में तो सरकारी स्कूलों में रंग-बिरंगी पोशाकों में रैली में आएंगे बच्चे

भौंती2 महीने पहले
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प्रदेश के साथ जिले भर में जहां स्वाधीनता के अमृत महोत्सव को मनाने के लिए घर-घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। जहां 13 से 15 अगस्त तक घर-घर में छतों पर तिरंगा लगाकर आमजन में देश प्रेम की भावना जागृत की जा रही है। वहीं देश के 75 में स्वाधीनता दिवस पर विडंबना यह है कि प्राइवेट स्कूलों के बच्चे तो अपने निर्धारित गणवेश में स्वाधीनता दिवस समारोह में शामिल होंगे। लेकिन सरकारी स्कूलों के बच्चे रंग बिरंगी पोशाकों में रैली व समारोह में नजर आएंगे।

जिले के सरकारी स्कूलों में इस बार अभी तक गणवेश ना मिलने से कक्षा एक से आठवीं तक के छात्र बगैर गणवेश के ही 15 अगस्त समारोह में शामिल होंगे। अभिभावकों का कहना है कि पिछले साल भी उनके बच्चों को गणवेश नहीं मिली थी और ना ही साइकिले दी गई थी। वहीं हाल इस बार भी है, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी कोई परवाह नहीं है।

पिछोर में 26 हजार 907 छात्रों को नहीं मिली गणवेश बिना गणवेश के पढ़ रहे बच्चे
बीआरसीसी कार्यालय पिछोर से मिली जानकारी के मुताबिक जनपद पिछोर में कक्षा पहली से आठवीं तक के 26 हजार 907 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। लेकिन अगस्त में आधा बीतने पर भी अभी तक स्कूली छात्र-छात्राओं को किसी तरह कि कोई गणवेश वितरित नहीं की गई है।

पहले छात्रों को गणवेश के लिए 400 नगद दिए जाते थे, लेकिन अब गुणवत्ता पूर्ण गणवेश मुहैया कराने के लिहाज से 600 की राशि का प्रावधान किया गया है। अब आजीविका मिशन द्वारा संचालित किए जा रहे महिला स्व सहायता समूहों द्वारा दो गणवेश सिलाई कर छात्रों को दी जाती है। इससे समूह की महिलाओं को भी आर्थिक लाभ मिलता है। इसलिए गणवेश से लाभ होता है।

पालक बोले- अभी तक साइकिलें व गणवेश ना मिलना लापरवाही
पिछोर क्षेत्र के पालक कल्लो, रोशन लोधी का कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ छात्रों को समय पर नहीं मिलना विभाग की बड़ी लापरवाही को दर्शा रहा है। स्कूल इससे बच्चों को लाभ नहीं मिल पाता है। खुले 2 माह हो गए हैं, लेकिन ना तो साइकिल मिली है और ना ही गणवेश। इसके लिए विभाग के बड़े अफसर जिम्मेदार हैं। पिछले साल भी छात्र छात्राओं को ना तो साइकिल मिली और ना ही गणवेश।

निर्देश मिलते ही गणवेश उपलब्ध कराएंगे
शासन से अभी इस समय निर्देश नहीं मिले हैं। जैसे ही हमें निर्देश मिलेंगे, हम तत्काल छात्र-छात्राओं को गणवेश उपलब्ध कराएंगे। -विनोद गुप्ता, बीआरसीसी, पिछोर

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