पुलिस स्मृति दिवस:अक्टूबर 1949 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में चीनी सेना ने गोलियां चलाकर किए 10 जवान शहीद

करैराएक महीने पहले
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आईटीबीपी आरटीसी करैरा परिसर में पुलिस स्मृति दिवस 21 अक्टूबर को मनाया। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय कर्तव्यों का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिस कर्मियों को श्रृद्धांजलि दी गई। साथ ही लगभग 300 कर्मियों ने 2 मिनट का मौनधारण किया गया। इसमें मौके पर संस्थान प्रमुख उप महानिरीक्षक सुरिंदर खत्री ने कर्मियों को दिन के महत्व बताते हुए कहा 20 अक्टूबर 1949 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग इलाके से सीआरपीएफ के तीन दलों को रैकी करने के लिए भेजा गया था।

जबकि दो दलों के सदस्य सुरक्षित लौट आए, तीसरा दल इसमें 2 कांस्टेबल और एक कुली शामिल थे, वापस नहीं आए। अगली सुबह, डीसीआईओ करम सिंह के नेतृत्व में टीम तलाशी के लिए रवाना हुई, लेकिन चीनी सेना के सैनिकों ने उन पर गोलियां चला दीं। इसमें सीआरपीएफ के दस जवान शहीद हो गए और सात अन्य घायल हो गए, जिन्हें चीनी कैदी के रूप में ले गए। तीन सप्ताह बाद शव दिए।

शहीदों को दी गई श्रृद्धांजलि
करैरा में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद सैनिकों को अन्य पुलिस जवानों के साथ अफसरों ने नम आंखों से श्रृद्धांजलि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस जवान व अफसर मौजूद रहे।

एक साल में 262 पुलिस कर्मियों ने दी प्राणों की आहुति
खासबात यह है कि हर साल 21 अक्टूबर को, भारत के सभी पुलिस बल स्मारक परेड आयोजित करते हैं और दिवंगत आत्माओं के सम्मान में 2 मिनट का मौन किया जाता है। सभी राज्यों के पुलिस शहीदों के नाम पढ़े जाते हैं। पिछले 63 वर्षों में 34000 से अधिक पुलिस कर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। पिछले एक वर्ष में 262 पुलिस कर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी है।

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