यहां कोई शहीद नहीं, फिर भी ये शहीदों का गांव:MP के हातोद की हर गली-मोहल्ला और कॉलोनी देशभक्तों के नाम पर

कपिल मिश्रा (शिवपुरी)2 महीने पहले

MP के शिवपुरी में एक गांव ऐसा भी है जहां एक भी शहीद नहीं है। लेकिन, यहां हर शहीद की शहादत को नमन किया जाता है। इतना ही नहीं शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए स्मारक बना हुआ है। हर साल 6 फरवरी को जिला प्रशासन यहां एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करता है। इसमें सेना के बड़े-बड़े अधिकारी आते हैं। इसकी खास वजह भी है। इस गांव का ताल्लुक नेताजी सुभाषचंद्र बोस की आजाद हिंद फौज से है। क्योंकि ये गांव आजाद हिंद फौज के कर्नल गुरुबख्श सिंह ढिल्लन का है।

कर्नल गुरुबख्श सिंह का जन्म 18 मार्च 1914 को पंजाब के तरणतारण में हुआ था। साल 1936 के आसपास वे 14 वीं पंजाब रेजिमेंट में शामिल हुए। उन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध में भी भाग लिया। इसके बाद वे आजाद हिंद फौज में शामिल हो गए। अंग्रेज सरकार ने उन पर मुकदमा चलाया। नेताजी सुभाषचंद्र बोस के विदेश जाने और भारत की आजादी के बाद वे शिवपुरी के हातोद गांव आ गए। 1998 में भारत सरकार ने उन्हे 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया। 6 फ़रवरी 2006 को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके ऊपर 2017 में 'रागदेश' नाम की फिल्म भी बनी है।

कर्नल गुरबख्श ढिल्लन के समय से गांव के विकास की कहानी शुरू हो गई थी।
कर्नल गुरबख्श ढिल्लन के समय से गांव के विकास की कहानी शुरू हो गई थी।

हातोद को मध्यप्रदेश का पंजाब भी कहा जाता है। यहां अधिकतर सिख परिवार रहते हैं। इन परिवारों में अधिकतर कर्नल ढिल्लन के रिश्तेदार हैं। ढिल्लन के पुत्र सर्वजीत ढिल्लन भी अपने पिता के बताए रास्ते पर चल गांव की सेवा में लगे हुए हैं। उनकी नातिन बहू परवीन मल्होत्रा वर्तमान में गांव की सरपंच हैं।

कर्नल ढिल्लन ने लिखी गांव के विकास की कहानी
शिवपुरी के हातोद गांव के विकास की इबारत लिखने का श्रेय कर्नल गुरुबख्स सिंह ढिल्लन को ही जाता है। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि ढिल्लनजी ने जो बीज आजादी के बाद से इस गांव के विकास के लिए बोए उन्हीं का फल आज हम खा रहे हैं। और उन्ही के प्रयासों से गांव पूरी तरह से विकसित है। यहां किसी तरह की कोई समस्या नहीं है। ग्रामीण कहते हैं कि यहां विकास का हर काम जो दिख रहा है उसकी शुरुआत ढिल्लनजी ने ही की थी। अगर किसी सरकारी काम में रुपए की कमी पड़ी तो उन्होंने खुद अपने पास से रुपए देकर उसे पूरा कराया। यहां हर काम गुणवत्ता का हुआ है। यहां किसी काम में कभी किसी ने भ्रष्टाचार नहीं किया।

पंचायत में हर गली में स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। यह किसी शहर से कम नहीं है।
पंचायत में हर गली में स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। यह किसी शहर से कम नहीं है।

हर वर्ग के लोग हैं यहां
ग्राम पंचायत हातोद की जनसंख्या 2500 के लगभग है। इस पंचायत में हातोद, अर्जुनगवां खुर्द,हरनगर एवं लखनगवां गांव आते हैं यहां कुल जनसंख्या में 40% आदिवासी, 30% सिख, 30% गुर्जर, 10% बाकी अन्य समाज के लोग रहते हैं। 2015 के पहले इंदिरा आवास योजना के तहत मिले आवासों के बाद वर्ष 2015 से अब तक 35 मुख्यमंत्री आवास योजना और 65 प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यहां हितग्राहियों को आवास उपलब्ध करा दिए गए हैं। 130 आवास अभी हाल ही में स्वीकृत इस पंचायत के लिए हुए हैं।

हातोद में स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखा जाता है।
हातोद में स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखा जाता है।

हर योजना यहां शहीदों के नाम पर
ग्राम पंचायत हातोद की एक विशेषता है। यहां होने वाले हर निर्माण से पहले जैसे सड़क, कॉलोनी, भवन, खेल मैदान सभी के नाम पहले से ही शहीदों के नाम से रख दिए जाते हैं। यहां हर गली, कॉलोनी या खेल मैदान को शहीदों के नाम से जाना जाता है। शिक्षा के लिए भी इस पंचायत में 6 प्राथमिक और 2 माध्यमिक विद्यालय हैं।

यहां की हर कॉलोनी किसी न किसी शहीदों के नाम पर हैं।
यहां की हर कॉलोनी किसी न किसी शहीदों के नाम पर हैं।

क्या हैं गांव की खासियत, हर घर में शौचालय और गैस कनेक्शन

  • उज्जवला योजना के लगभग 350 कनेक्शन हैं।
  • पंचायत में लोग अपने घरों में लकड़ी से चूल्हे नहीं जलाते।
  • हर घर में रसोई गैस कनेक्शन हैं।
  • लगभग हर सड़क पर स्ट्रीट लाइटों को लगाया गया है।
  • रात्रि के समय यह गांव किसी शहरी बस्ती से कम नहीं दिखाई पड़ता है।
  • पंचायत में साफ-सफाई का भी ध्यान दिया जाता है।
  • पंचायत में बनाई गई कॉलोनियों में हर घर मे शौचालय बने है।
  • यहां हर घर में नल कनेक्शन है, भरपूर पानी आता है।
  • हातोद ग्राम पंचायत में तीन मुक्तिधाम हैं।
  • एक खेल मैदान, गौशाला सहित हर कॉलोनी में चौपालों को बनाया गया है।
गांव में खेल मैदान, गोशाला के साथ हर कॉलोनी में चौपाल बनाई गई है।
गांव में खेल मैदान, गोशाला के साथ हर कॉलोनी में चौपाल बनाई गई है।

पंचायत लर्निंग सेंटर में शामिल है हातोद
प्रदेश की कुल 23 हजार पंचायतो में से 8 पंचायतों को रिसोर्स सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। इन पंचायतों को पंचायत लर्निंग सेंटर माना गया है। इन सेंटरों पर भ्रमण कर पंचायतो को किस तरह से विकसित किया जा सकता हैं इसके लिए अन्य पंचायत सीख लेती हैं। प्रदेश की 8 पंचायतों में शिवपुरी जिले के शिवपुरी जनपद की ग्राम पंचायत हातोद का नाम सम्मिलित है। यहां मध्य प्रदेश सरकार सहित केंद्रीय सरकार के द्वारा दी जाने वाली योजनाओं का लाभ बखूबी तरीके से लिया गया है इस पंचायत में हितग्राहियों को हर योजनाओं का लाभ दिया जाता है जो सरकार की ओर से उन्हें मिल रही हैं।