शिवपुरी की बेटी सीएम से बोली- MLA बनना है:CM भी हंसते हुए बोले- हमारे विधायक घबरा जाएंगे, पढ़ें...क्या है पूरा मामला

शिवपुरी2 महीने पहले

कोरोना काल में जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया था उन बच्चों के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बार राखी का त्यौहार वीते रोज मनाया था। इस दौरान क्षेत्रीय विधायकों ने बच्चों को अपने-अपने स्वेच्छानुदान से बच्चों को सहायता राशि दी। कार्यक्रम में सीएम शिवराज ने भी मध्यप्रदेश के बच्चों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए बात की।

इसी क्रम में उन्होंने शिवपुरी की हर्षा त्रिवेदी से बात कि हर्षा ने बताया कि उसकी मां नीलम का 2018 में देहावसान हो गया था और 2021में कोरोना के चलते उसके पिता सूरवीर का भी देहावसान हो गया था। अब वह और उसके दो छोटे भाई अपनी बुआ नैनी त्रिवेदी के साथ रह रही हैं। फिलहाल तो घर का खर्च बुआ के तनख्वाह से चल रहा है, लेकिन बुआ दो या तीन साल बाद सेवानिवृत्त हो जाएंगी। इसके बाद उसकी बुआ और भाईयों की जिम्मेदारी वह कैसे निभाएगी?

विधायक बनने की जाहिर करी इच्छा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिवपुरी सिंह चौहान ने हर्षा त्रिर्वेदी से पूछा कि आप क्या बनना चाहती हो तो जवाब देते हुए हर्षा ने उसे विधायक बनना हैं। इसी दौरान कोलारस विधायक वीरेंद्र रघुवंशी भी हर्षा के पास ही बैठे हुए थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हँसते हुए कहां कि हमारे विधायक वीरेंद्र रघुवंशी बैठे हैं ये घबरा जायेगे की मेरी कुर्सी छिन जाएगी, जिसके बाद सीएम शिवराज ने हर्षा से कहा कि तैयारी मन से करो आप राष्ट्रपति भी बन सकते हो मुख्यमंत्री भी बन

सकते और विधायक भी बन सकते है। हालांकि हर्षा ने कुछ देर बाद अपना मन उठे दूसरे सवाल को मीडिया के सामने रखा हर्षा त्रिवेदी का कहना है कि उन्हें जल्द - जल्द नोकरी पानी होगी क्यों कि उन्हें अपने भाई सहित बुआ की भी जिम्मेदारी उठानी है। कार्यक्रम के दौरान इकरा मिर्जा से बात भी सीएम से बात की, जहां इकरा मिर्चा ने डॉक्टर बनने की की इच्छा जाहिर की परंतु आर्थिक मजबूत ना होने की वजह से वह अध्ययन घर पर ही कर रही है।

इन विधायकों ने स्वेच्छानुदान से दी राशि

शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया ने अपने स्वेच्छानुदान से अपनी विधानसभा क्षेत्र के 70 बच्चों को 10-10 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की है। कोलारस विधायक वीरेंद्र रघुवंशी अपनी विधानसभा क्षेत्र के 27 बच्चों को पूर्व में 5 -5 हजार की राशि स्वीकृत कर चुके हैं। उन्होंने एक बार फिर 10-10 हजार रुपये की राशि स्वेच्छानुदान से स्वीकृत की। इसके अलावा शिवपुरी विधानसभा के 70 व पोहरी विधानसभा के 16 बच्चों को स्वयं की तरफ से 5-5 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई।

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