दियों की धाक बरकरार:दीपक बनाने वाले के घर पहुंचे सांसद, बच्ची को बनाते देख हैरत में पड़े, किया सम्मान

शिवपुरीएक महीने पहले

आधुनिक काल में दीपावली के पर्व पर घरों में भले ही इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स शोभा बढ़ाते हैं परंतु बरसों से मिट्टी के दीपों की धाक कम नहीं हुई है। निरंतर बदलते समय में दीपावली के पर्व को आज भी दीपों का पर्व माना जाता है। इसको लेकर सरकार सहित प्रशासन मिट्टी के दीपक बनाने वालों को प्रोत्साहित करते रहते हैं व इसके साथ ही उनका उत्साह वर्धन भी करते हैं। मिट्टी के दीपक बनाने वाले प्रजापति परिवार की दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आई है जिसमें गुना-शिवपुरी सांसद डॉक्टर के पी यादव एक मिट्टी के दीपक बनाने वाले प्रजापति परिवार के घर मिट्टी के दीपक लेने पहुंच गए वहीं दूसरी ओर आइटीबीपी के डीआईजी ने जब एक बालिका को दीपक बनाते हुए देखा तो वह भी हैरत में पढ़ गए, जिसके बाद डीआईजी ने बालिका और उसके माता-पिता का अपने ऑफिस बुला कर सम्मानित किया।

सांसद ने खरीदे दीपक

गुना-शिवपुरी-अशोकनगर संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ केपी यादव अल्प प्रवास पर पिछोर विधानसभा पहुंचे थे जहां उन्हें किसी कार्यकर्ता ने बताया कि ग्राम छावनी में पजना प्रजापति के दीपक क्षेत्र में मशहूर हैं। जिसके बाद सांसद पजना प्रजापति से मिलने उनके घर पहुंच गए जहां उन्होंने निर्मित हो रहे दीपक व अन्य सामग्री का अवलोकन किया। इसके साथ ही सांसद ने पजना से अपने घर के लिए दीपक भी खरीदे। इस अवसर पर सांसद यादव ने कहा कि हमारे देश की इस पावन परम्परा को प्रोत्साहित करने का उत्तरदायित्व हमारा है। उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी के वोकल फ़ॉर लोकल के आह्वान पर स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से लोकसभा सांसद कल मायापुर मण्डल में कृष्णा समूह द्वारा संचालित सिलाई सेंटर व ग्राम पीपलखेड़ा में तेल उत्पादक आनंद समूह से मिलकर उनके कार्यो की प्रशंसा कर चुके हैं।

कक्षा 6वीं की छात्रा को दीपक बनाते देख हैरत में पड़े डीआईजी

सपोर्ट वैपन ट्रेनिंग स्कूल आईटीबीपी करैरा के डीआइजी ए पी एस निम्वाडिया आज मॉर्निंग वॉक पर जा रहे थे तभी कक्षा 6वीं में पढ़ने वाली सुहानी प्रजापति अपने घर के बाहर मिट्टी के दीपक बना रही थी जिसे देख डीआइजी बालिका के हुनर को देखकर हैरत में पड़ गए जिसके बाद डीआईजी ने बालिका को अपने आफिस मे बुलाकर बच्ची सहित उसके माता पिता का सम्मान किया और सभी देश वासियों से अपील की अपने घरों पर दीपावली पर लाइट की छल्लर, लाइट के सामान का कम से कम उपयोग कर मिट्टी के दीपक ज्यादा से ज्यादा जलाए जिससे गरीब भी अपने दीए बेचकर दीपावली मना सके।

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