सुअरों को हटाना बड़ी चुनौती:शहर में फिर बढ़ी सूअरों की तादाद, लोग परेशान

शिवपुरीएक महीने पहले
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शहर में सूअर शूट-आउट के बाद तादाद फिर से बढ़ गई है। मामले में अवमानना नोटिस भी जारी हो गया था। अब नई नगर परिषद के सामने सुअरों को हटाना बड़ी चुनौती रहेगा। सुअरमुक्त शहर को लेकर हर किसी को नगर पालिका अध्यक्ष और सभी पार्षद से उम्मीद काफी है। क्योंकि इस बार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष निर्विरोध चुने गए हैं।

शिवपुरी शहर में लोगों के घरों के बाहर सूअर बैठे रहने से परेशान थे। साल 2012 में डॉ राजेन्द्र गुप्ता ने शिवपुरी के अधिवक्ता सुनील जैन व संजीव बिलगैयां के माध्यम से हाईकोर्ट ग्वालियर में जनहित याचिका लगवाई थी। साल 2014 में हाईकोर्ट के आदेश पर नगर पालिका शिवपुरी ने सूअर शूट-आउट शुरू कराया था। काफी तादाद में सूअर मारे गए थे।

लेकिन बाद में शूट-आउट बंद कर दिया और नगर पालिका शूअरों की समस्या समूल समाधान नहीं करा पाई। यही वजह रही कि छह-सात साल में सूअरों की संख्या फिर बढ़ गई है। शहर में फिर से सूअर घरों के आगे गंदगी फैला रहे हैं। अचानक सड़क पर आ जाने से बाइक सवार हादसे हो रहे हैं।

गौ-सेवा संघ की याचिका पर शूट-आउट स्थगित
एडवोकेट अंचित जैन के पत्र पर नगर पालिका शिवपुरी ने सूअर शूटआउट की विज्ञप्ति जारी कराई थी। लेकिन अखिल भारतीय कृषि गौ-सेवा संघ ने विज्ञप्ति के आधार पर हाईकोर्ट में याचिका लगा दी और 14 सितंबर 2020 को आदेश पारित कर सूअर मारने की विज्ञप्ति स्थगित कर दी गई।

फिर प्रशासन ने आमजन की सूअर संंबंधी समस्या और सूअरों को नगरीय क्षेत्र से बाहर करने संबंधी कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान सूअरों की वजह से लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। नपा के सामने सूअरों को खत्म करना अब एक चुनौती से कम नहीं।

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