इनकम टैक्स ने भेजा नोटिस:एक्सिस बैंक में बीजेपी पार्षद पति के नाम दो फेक खातों में 1.91 करोड़ का लेनदेन

शिवपुरी2 महीने पहले
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नगर पालिका शिवपुरी के वार्ड 11 से भाजपा की महिला पार्षद नीलम बधेल के पति को इनकम टैक्स से नोटिस जारी हुए हैं। किसी ने पार्षद पति के नाम से एक्सिस बैंक में दो फेक खाते खोलकर 1.91 करोड़ रुपए का सिर्फ ट्रांजेक्शन किया है, बल्कि खाते भी बंद करा दिए। पार्षद नीम बघेल पति अनिल के संग मंगलवार को एसपी ऑफिस पहुंचीं। एसपी को लिखित शिकायत कर मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व पार्षद अनिल बघेल निवासी महाराणा प्रताप कॉलोनी शिवपुरी मंगलवार को पार्षद पत्नी नीलम बघेल के संग एसपी ऑफिस पहुंचे। एसपी राजेश सिंह चंदेल को लिखित शिकायती आवेदन सौंपते हुए 1.91 करोड़ के फर्जी लेनदेन की जांच की मांग रखी।

दरअसल चुनाव के वक्त पांच माह पहले इनकम टैक्स के दो नोटिस मिले थे जिसमें 1.91 करोड़ के लेनदेन के संबंध में इनकम टैक्स जमा कराने का उल्लेख था। वकील से सलाह लेकर सिटी कोतवाली थाना शिवपुरी में तत्कालीन टीआई सुनील खेमरिया को शिकायत की। मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 29 नवंबर 2022 को एसपी ऑफिस में शिकायत की है। पार्षद नीलम बघेल और पति अनिल बघेल ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।एसपी राजेश सिंह चंदेल ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

आधार कार्ड से सर्च कराया तो दो खाते निकले, जो लेनदेन के बाद बंद भी कर दिए : अनिल बघेल ने बताया कि पहले एक नोटिस आया तो ध्यान नहीं दिया, पोस्टमैन दूसरा नोटिस लेकर आया। चूंकि मामा का बेटा उनके रिटर्न भरता है, इसलिए नोटिस लेकर पहुंचा। तब पता चला कि मेरे नाम एक्सिस बैंक में खोले गए खातों में 1.91 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ है। लेकिन उन्होंने खाता खुलवाना तो दूर कभी बैंक की सूरत तक नहीं देखी थी। बैंक शाखा पहुंचकर मैनेजर से बात की और आधार नंबर से सर्च कराने पर दो खाते निकले। दोनों खाते किसी ने लेनदेन के बाद बंद भी करा दिए।

आधार व पेन कार्ड से खोले, पहले खाते में 1 करोड़ व दूसरे में 91 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन
अनिल बघेल के नाम से दोनों खातो उनके आधार व पेन कार्ड से खाेले गए थे। पहला खाता साल 2014 में खोला और चार बार में 1 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ, फिर 2015 में खाता बंद कर दिया। दूसरा खाता साल 2015 में खुला और 91 लाख रु. के चार ट्रांजेक्शन के बाद साल 2016 में बंद कर दिया। यह लेनदेन 40 से 60 लाख रु. तक के हुए।

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