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  • Tribal Welfare Department Did Not Give 40% Beneficiary Contribution To 31 Beneficiaries, Goat Shed Vacant For Two Years

स्वरोजगार से जोड़ने की योजना धरातल पर साकार नहीं:आदिम जाति कल्याण विभाग ने 31 हितग्राहियों को 40% हितग्राही अंशदान नहीं दिया, दो साल से बकरी शेड खाली

शिवपुरीएक महीने पहले
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आदिवासी बहुल विकासखंड पोहरी में आदिवासी परिवारों को बकरीपालन के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ने की योजना धरातल पर साकार नहीं हो पा रही है। मनरेगा के तहत बकरी शेड बना तो दिए हैं, लेकिन शेडों के लिए बकरियां दो साल बाद भी नहीं आ सकी हैं। दरअसल आदिवासी अंशदान तक नहीं दे पाते, ऐसे में आदिम जाति कल्याण विभाग से 40% अनुदान मिलना था।

लेकिन विभाग द्वारा अभी तक अंशदान राशि जारी नहीं की है। जबकि सरकार के दूसरे विभाग से सब्सिडी राशि पहले ही आ चुकी है। पोहरी ब्लाॅक के मड़खेड़ा सहित अन्य आदिवासी गांवों में बकरी पालन के लिए मनरेगा के तहत करीब 50 शेड बनाए गए हैं। ग्राम पंचायतों द्वारा शेड बनाकर तैयार कर दिए हैं। लेकिन बकरी पालन के लिए पशुपालन विभाग से महज 31 हितग्राहियों के लिए सब्सिडी मंजूर हुई।

लेकिन शेष 19 हितग्राहियों को पशुपालन विभाग से सब्सिडी ही राशि स्वीकृत नहीं की। वहीं जिन 31 हितग्राहियों को 60% सब्सिडी जारी हुई है, उनका अंशदान आदिम जाति कल्याण विभाग अभी तक जमा नहीं करा पाया है। स्थाई स्वरोजगार के प्रयास धरातल पर कामयाब नहीं होने से आदिवासी हितग्राही आज भी रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं।

तीन विभागों में समन्वय नहीं, आदिम जाति कल्याण विभाग के अफसरों ने भी बरती लापरवाही सरकार आदिवासियों को विकास की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए तमाम वादे कर रही है। लेकिन विभागों के समन्वय के अभाव की वजह से योजना धरातल पर फेल साबित हो रही है। मनरेगा के तहत बकरी शेड बना दिए।

पशुपालन विभाग से बमुश्किल 31 हितग्राहियों के लिए 60% सब्सिडी मंजूर हो गई। लेकिन बात 40% बैंक अंशदान पर आकर अटक गई। आदिवासियों के मूल विभाग आदिम जाति कल्याण से यह अंशदान राशि उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा। लेकिन आज तक अंशदान राशि नहीं आई है।

प्रति यूनिट 78 हजार रु., 50 हितग्राहियों के लिए 15.60 लाख अंशदान की जरूरत
स्थायी रोजगार के लिए आदिवासियों को बकरी पालन से जोड़ने प्रति यूनिट 10 बकरी व 1 बकरे के मान से 78 हजार रुपए खर्च होना है। इस तरह 50 हितग्राहियों के लिए भोपाल से 15.60 लाख रुपए अंशदान राशि मांगी गई है। लेकिन शासन स्तर से इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

31 हितग्राहियों के लिए 14.50 लाख सब्सिडी मिली
बकरी पालन के लिए पशुपालन विभाग द्वारा 50 में से 31 हितग्राहियों को सब्सिडी राशि मंजूर हुई है। 60% के मान से कुल 14.50 लाख रु. सब्सिडी स्वीकृत हुई है। लेकिन अंशदान के इंतजार में बकरी पालन की शुरूआत नहीं हो सकी है।

40% अंशदान आजाक विभाग को जमा करना है
50 में से 31 हितग्राहियों के लिए सब्सिडी राशि मंजूर हो गई है। लेकिन 40% अंशदान राशि आदिम जाति कल्याण विभाग के जरिए जमा होना है। आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। - डॉ एमसी तमोरी, उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग जिला शिवपुरी

मुझे जानकारी नहीं है, फाइल देखकर बता सकूंगा
सोमवार को ही आदिम जाति कल्याण विभाग का पदभार संभाला है। इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। फाइल देखकर बता सकूंगा। अभी अवकाश के चलते कुछ भी बताना संभव नहीं है। -महावीर जैन, प्रभारी जिला संयोजक, आदिम जाति कल्याण विभाग जिला शिवपुरी

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