सिंगरौली में भू-अधिग्रहण का विरोध:मुआवजे की मांग को लेकर अडानी कोल ब्लॉक के खिलाफ सड़कों पर बैठे आदिवासी किसान

सिंगरौलीएक वर्ष पहले

सिंगरौली के लंघाडोल थाना क्षेत्र स्थित अमरोई खोह कोई सहित आठ गांव में अडानी कंपनी के कोल ब्लॉक के लिए चल रहे भू-अधिग्रहण के खिलाफ आदिवासी किसानों ने सड़कों पर उतर कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसानों का आरोप है कि भू-अधिग्रहण नियमों को ताक पर रखकर उनकी जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। विरोध करने पर पुलिस एफआईआर दर्ज कर लेती है।

दरअसल, सिंगरौली जिले के लंघाडोल थाना क्षेत्र स्थित अमरोई खोह सहित 8 गांव आमडाड, अमरोई खोह, बांसी बेरदह, बेलवार, घिरौली, झलरी, फाट पानी, सिर्सवाह को अडानी ने कोल ब्लॉक के लिए अधिग्रहण किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें आर एंड आर पॉलिसी और उनकी सिंचित असिंचित भूमि के एवज में दिए जाने वाले सुविधा मुआवजा की जानकारी नहीं दी है। पुलिस के दम पर उनके जमीन की जबरन नापी जा रही है। इतना ही नहीं किसानों ने यह भी कहा कि अपनी भूमि मकान की नापी करने से मना करने पर पुलिस के द्वारा एफ आईआर करा दिया जाता है।

आदिवासी किसानों ने मीडिया के कैमरे के सामने अपनी किस्मत और सरकार को कोसते हुए कहा कि हमारे पास कृषि एवं महुआ फूल तेंदूपत्ता के अलावा अन्य कोई संसाधन नहीं है। अगर कंपनी मेरी भूमिका भू अर्जन करती है तो हमें स्थाई रूप से जीविकोपार्जन के लिए नौकरी पुनर्वास की व्यवस्था भूमि चिकित्सा स्वास्थ्य और शिक्षा की व्यवस्था मिलनी चाहिए। यहां तक की पड़ोस के गांव में कंपनी ने कॉल उत्खनन का कार्य प्रारंभ ही कर दिया गया है। जिसमें ग्रामीणों को ना ही सही ढंग से मुआवजा मिल पाया है, ना ही पुनर्वास की सुविधाएं मिली है।

इधर, संयुक्त कलेक्टर विकास सिंह का कहना है कि धारा 12 लगा दी गई है और अब किसानों के जमीन और घर की नपती की जा सकती है। वहीं, किसानों का कहना है कि प्रशासन कंपनी के साथ मिलकर उन्हें गुमराह कर रहा है।

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