पशु स्वास्थ्य पर नजर:लंपी वायरस से गौवंश को बचाने पशु विभाग ने सरकार से 10 हजार वैक्सीन के डोज मांगे

टीकमगढ़17 दिन पहले
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जिले में इस तरह से बड़ी संख्या में सड़क पर घूम रहा आवारा गौवंश। इन्हें वायरस से बचाना रहेगा बड़ी चुनौती। - Dainik Bhaskar
जिले में इस तरह से बड़ी संख्या में सड़क पर घूम रहा आवारा गौवंश। इन्हें वायरस से बचाना रहेगा बड़ी चुनौती।

संभाग में लंपी वायरस का संक्रमण गौवंशों में फैल रहा है। जिले में लंपी संक्रमण के दस्तक देने के पहले ही पशु विभाग ने कमर कस ली है। इसके लिए विभाग ने कंट्रोल रूम से लेकर नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिए हैं। इसके लिए पशु पालन विभाग ने शासन ने 10 हजार वैक्सीन के डोज की मांग की है। जिले में इस समय 6 लाख गौवंश हैं। जिन्हें लंपी वायरस से सुरक्षित रखने के लिए विभाग के सामने बड़ी चुनौती है। दरअसल राजस्थान से गौवंशों में लंपी वायरस संक्रमण रोग फैलना शुरू हुआ है।

संभाग में कई जगह गौवंशों में लंपी वायरस का संक्रमण फैलने से गाैवंश बीमार हुआ है। इतना ही नहीं कई गौवंशों की जान भी जा चुकी है। जिले में लंपी वायरस को लेकर पशु पालन विभाग हरकत में तो आ गया लेकिन अब तक लंपी वायरस को लेकर एक भी सैंपल नहीं लिया गया है। विभाग का तर्क है कि अब तक जिले में गौवंश में लंपी वायरस की बीमारी नहीं मिली है। ऐसे में गौवंश का सैंपल नहीं लेने पर बड़ी लापरवाही हो सकती है। जिस पर विभाग को गंभीरता के साथ गौवंशों की बीमार को देखते हुए सैंपल लेने की जरूरत है।

आवारा गौवंश को वायरस से बचाना मुश्किल
जिले के विकासखंड सहित जिला स्तर पर पशु चिकित्सालय में 8 डॉक्टर पदस्थ हैं। जो गौवंश में हो रही लंपी वायरस की बीमारी पर नजर बनाए हुए हैं लेकिन गौवंशों की स्थिति देखते तो टीकमगढ़-निवाड़ी में करीब 6 लाख गौवंश हैं। ऐसे में 8 पशु डॉक्टरों कैसे देखरेख कर पाएंगे। जिले में बनाई गई गौशालाओं से ज्यादा सड़कों पर आवारा गौवंश घूम रहे हैं। जिन्हें लंपी वायरस से बचाना मुश्किल होगा। किसान अपने गौवंशों का बचाव तो कर लेगा लेकिन आवारा गौवंश सभी के लिए मुसीबत बनेंगे।

गौवंश को जरूरत पड़ने पर ही लागाई जाएगी वैक्सीन
गौवंशों में लंपी वायरस फैलने से राेकने के लिए पशु पालन विभाग ने शासन से 10 हजार वैक्सीन के डोज की मांग की है। अगर समय से वैक्सीन मिलती है तो जिन गौवंश को जरूरत है उन्हें वैक्सीन लगाई जाएगी।

लंपी वायरस को देखते हुए कंट्रोल रूम बनाया
लंपी वायरस को देखते हुए पशु पालन विभाग ने कंट्रोल रूम बनाया है। जिसके लिए नोडल अधिकारी के रूप में डॉ. एमएल सेंगर को नियुक्त किया है। लंपी वायरस की जानकारी के लिए डॉक्टर सेंगर का नंबर भी जारी किया गया है। जिससे लोग गौवंश में होने वाली बीमारी की सूचना दे सकें।

बाहरी गाैवंश के जिले में आने पर लगाया प्रतिबंध
जिले के किसानाें काे लंपी वायरस के बारे में जानकारी दी जा रही है। अभी जिले में एक भी गौवंश लंपी वायरस का शिकार नहीं हुआ है। जिस गौवंश का सैंपल लेंगे उन्हें अगर लंपी वायरस की शिकायत मिलती है तो तत्काल ही लंपी को ब्लाक कर दिया जाएगा। फिलहाल जिले में गौवंशों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। - डॉ. डीके विश्वकर्मा, उप संचालक, पशु पालन विभाग

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