सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा:पंडित गोविंद ने कहा रामकाज किए बगैर राम-रतन धन प्राप्त नहीं हो सकता

गुलानाएक महीने पहले
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संत गोविंद जाने अमृत वचन देते हुए। कथा के दौरान झूमते हुए भक्त। - Dainik Bhaskar
संत गोविंद जाने अमृत वचन देते हुए। कथा के दौरान झूमते हुए भक्त।
  • माता बुमतलाई की पावन भूमि पसात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा र उमड़ने लगा श्रद्धा का सैलाब, कथा के पांचवें दिन गूंजे राम नाम के जयकारे

राम का नाम जपने के साथ-साथ इंसान को रामकाज में भी आगे आना होगा। राम नाम के साथ रामकाज भी जरूरी है। रामकाज को छोड़कर केवल राम नाम जपने से नैया पार नहीं होने वाली है इसीलिए मनुष्य को पवित्र भाव के साथ जगत पिता के नाम का सुमिरन करते हुए धर्म को बल देते रहना चाहिए, क्योंकि रामकाज किए बगैर मनुष्य को राम रतन धन प्राप्त नहीं हो सकता। यह अमृत वचन सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन संत गोविंद जाने ने कही।

आराध्य देवी माता बुमतलाई की पावन धरा पर कथा के पांचवें दिन मालवा के संत पंडित गोविंद जाने ने धर्म सभा में मौजूद हजारों धर्मालुजनों को धर्म का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि जगत के पालनहार प्रभु श्रीराम का नाम का नाम तो सब जपते ही हैं, लेकिन केवल राम का नाम जपना ही पर्याप्त नहीं होता। राम नाम के जप के साथ राम के काज से भी सरोकार रखना होगा। साथ ही संत श्री ने कहा कि जिस तरह से एक पहिए से गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकती ठीक उसी तरह राम का नाम और राम का काज दोनों ही धर्म की गाड़ी के दो पहिए है और भवसागर पार तक का सफर करने के लिए धर्म की इस गाड़ी के दोनों पहियों का बैलेंस बराबर रखना होगा।

राम नाम जपते हुए जो भक्त राम का काज भी पूरी दमदारी के साथ करते हैं उन्हें राम रतन धन के रूप में ऐसी अमिट पूंजी की प्राप्ति होती है जो मरने के बाद तक भी खत्म नहीं होती इसीलिए मनुष्य को भगवान श्रीराम के नाम का सुमिरन करने के साथ राम काज के रूप में धर्म पथ पर चलना, सत्संग के सान्निध्य में रहकर निस्वार्थ भाव से जीव मात्र की सेवा कर परोपकारी जीवन जीना चाहिए। संत श्री गोविंद जाने के मुखारबिंद से अमृत वचनों को श्रवण कर पंडाल में धर्म व भक्ति की धारा प्रवाह हो गई। पूरा पंडाल जयकारों की गूंज से गूंजायमान हो गया।

आज आएगी बारातें, कल होगा बेटियों का कन्यादान

गोविंद जाने आश्रम समिति के संयोजक मनीष नागर एवं कथा आयोजक फौजी राहूल शर्मा ने बताया अन्य जिलों से भी भारी संख्या में यहां पर धर्मालुजन पहुंचकर गुरुदेव के मुखारबिंद से कथा श्रवण कर धर्म लाभ ले रहे है। वहीं इसी धर्म के पंडाल में कथा की पूर्णाहुति के पावन अवसर पर कल गुरुवार को नि:शूल्क सामूहिक विवाह भी आयोजित किया जाना है। इसके लिए आज कथा के छठे दिन विभिन्न जिलों से वर-वधुओं को लेकर बराती व घराती भी यहां पर पहुंचेंगे। कल कथा पूर्णाहुति के अवसर पर वर-वधूओं के पाणीग्रह संस्कार के बाद संत गोविंद जाने बेटियों के पैर पूज कर कन्यादान करते हुए उन्हें सुखमयी जीवन जीने का आशीर्वाद देकर विदाई देंगे।

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