पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

बीते साल जुलाई में हो चुकी थी 33 इंच:पांच साल के बाद इस बार सावन में 16 इंच ही बारिश

नागदा5 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
Advertisement
Advertisement

जून माह में अच्छी बारिश के बाद किसानों ने बोवनी कर दी, लेकिन अब मौसम किसानों काे रुला रहा है। खरीफ की मुख्य फसल सोयाबीन सहित अन्य पौधे पानी नहीं मिलने के कारण मुरझाने लगे हैं। बीते 5 साल में पहली बार ऐसा हाे रहा है कि सावन सूखा बीत गया। अब किसानों काे भादौ से उम्मीद है कि तेज झड़ी से उनकी फसल बच जाए, वरना उन्हें नुकसान हाेना तय है। अब तक तहसील में 16.96 इंच ही बारिश हुई है, जबकि बीते साल जुलाई में ही 33.50 इंच बारिश हाे चुकी थी। यानी बीते साल के मुकाबले अभी तक अ‌ाधी ही बारिश हुई है। मौसम विभाग अब मानसून के सक्रिय हाेने की उम्मीद जता रहा है, लेकिन यह कब तक अाएगा, अभी कहा नहीं जा सकता है।
किसानों काे 2016 की तरह ही रुला रहा मौसम
2016 की तरह ही इस बार मौसम बेरुखा है, जाे किसानों काे रुला रहा है। 2016 में भी बोवनी के समय जोरदार बारिश हुई थी, उसके बाद आसमान से बादलों की आवाजाही चलती रही, लेकिन वह बरसे नहीं। 2016 में भी जुलाई तक मात्र 18.56 इंच बारिश हुई थी। इससे किसानों काे दोबारा बोवनी तक करना पड़ी थी। हालांकि बाद में तेज बारिश ने औसत बारिश का आंकड़ा पार कर दिया था।
फूल आकर सूखने लगे, किसान कर रहे सिंचाई
साेयाबीन की बोवनी जिन किसानों ने जल्दी की थी, उनके यहां पाैधाें में फूल आने लगे हैं। बारिश नहीं हाेने से यह फूल सूखकर गिरने लगे हैं। ऐसे में अगर फूल गिर जाते हैं ताे पौधे का हरा रहना भी काेई औचित्य नहीं रखेगा, क्यांेकि इसमें फली नहीं बन पाएगी। वहीं कुछ किसानों द्वारा फसलाें काे बचाने के लिए सिंचाई तक शुरू कर दी गई है, क्यांेकि अब डोरे चलाने से भी खेतों में नमी नहीं आ रही है।

Advertisement
0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव- अगर कोई विवादित भूमि संबंधी परेशानी चल रही है, तो आज किसी की मध्यस्थता द्वारा हल मिलने की पूरी संभावना है। अपने व्यवहार को सकारात्मक व सहयोगात्मक बनाकर रखें। परिवार व समाज में आपकी मान प्रतिष...

और पढ़ें

Advertisement