खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग / तीसरे दिन भी अरिहंत आरओ वाटर प्लांट की नहीं खुली सील, एसडीएम बोले- अब तक नहीं मिला जांच प्रतिवेदन

Arihant RO water plant not sealed even on third day, SDM said - investigation report not yet received
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Arihant RO water plant not sealed even on third day, SDM said - investigation report not yet received

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

नागदा. खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम और राजस्व विभाग द्वारा तीन दिन पहले बुधवार को अरिहंत आरओ वाटर प्लांट सील करने के मामले में शुक्रवार तक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है। मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी बसंत शर्मा ने बताया कि विभिन्न बिंदुओं पर आधारित शिकायत में यह बताया गया है कि आरओ वॉटर प्लांट को चंबल से पानी चोरी कर संचालित किया जा रहा है। यहां बिजली की चोरी भी की जा रही है। इसके अलावा अवैध परिवहन व अन्य शिकायतों की जांच करने टीम राजस्व विभाग और बिड़लाग्राम पुलिस के साथ प्लांट पर 20 मई को जांच करने पहुंची थी। प्लांट के मुख्य गेट पर कई बार आवाज लगाने और गेट पीटने पर भी भीतर मौजूद कर्मचारियों ने दरवाजा नहीं खोला। कथित प्लांट संचालक संदीप जैन को भी कई बार कॉल किया, मगर किसी ने मोबाइल रिसीव नहीं किया। मजबूरन तीन घंटे तक टीम को कड़ी धूप में ही खड़ा रहना पड़ा। कई बार सूचना देने पर भी जब गेट खोलने कोई नहीं पहुंचा तो टीम ने गेट को ही सील कर दिया है। आगे की कार्रवाई तब ही हो सकती है, जब एसडीएम हमें कोई निर्देश दें। जबकि दूसरी ओर एसडीएम आर.पी. वर्मा ने बताया कि वाटर प्लांट को सील करने के मामले की जानकारी उन्हें खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नहीं दी है। कोई जांच प्रतिवेदन भी प्रस्तुत नहीं किया गया है। ऐसे में वे किस आधार पर आगे की कार्रवाई पर कोई अभिमत या निर्देश जारी कर सकते हैं।
ग्राम सरपंच नरुका बोले- अवैध है प्लांट
मामले में ग्राम सरपंच रामनाथ नरुका ने बताया पंचायत क्षेत्र में आरओ प्लांट लगाने के लिए ग्राम पंचायत ने किसी तरह की अनुमति जारी नहीं की है। संबंधित मालिक पर कार्रवाई के लिए इतना प्रमाण ही काफी है। प्लांट से प्रतिदिन 5 हजार कैन सप्लाई हो रही है। ये पानी चंबल से सीधे लिया जा रहा है। अगर पानी का बिल शासन को प्राप्त हो रहा है तो पंचायत को इसके दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।
व्यवसायिक और राजनीतिक दबाव से बंद किया प्लांट
मामले में कई बार कॉल करने के बाद भी प्लांट संचालक संदीप जैन ने कॉल रिसीव नहीं किया। हालांकि उन्होंने सोशल मीडिया फेसबुक और वाट्सएप पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई को राजनीति और व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा बताया है। जैन के अनुसार वो कोरोना संक्रमण के दौर में जनता को 20 लीटर शुद्ध पानी मात्र 10 रु. में उपलब्ध करा रहे हैं, ये मेरे प्रतिद्वंदी को सहन नहीं हो रहा है। इसलिए इस तरह से मुझे परेशान किया जा रहा है।

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