परेशानी / बारदान की कमी से बिगड़ा शेड्यूल, 13 में से दाे केंद्रों पर ही 100 प्रतिशत हाे पाई खरीदी

Due to shortage of gunny schedules, 100 percent of pie purchased at right of 13 centers
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Due to shortage of gunny schedules, 100 percent of pie purchased at right of 13 centers

  • उपार्जन केंद्राें पर पुराने मैसेज वाले किसानाें से देर रात तक चली खरीदी

दैनिक भास्कर

May 29, 2020, 05:00 AM IST

नागदा. उपार्जन केंद्र पर लगी भीड़ काे खत्म करने के लिए शासन-प्रशासन ने पुराने मैसेज वाले किसानाें काे टाेकन बांटे थे ताे नए मैसेज भेजने बंद कर दिए थे। उसके बाद भी 13 में से दाे केंद्रों पर ही 100 प्रतिशत खरीदी हाे पाई। वजह उपार्जन केंद्राें पर बारदान की कमी ने शेड्यूल बिगाड़ दिया ताे कहीं हम्मालाें में देर रात काम करना बंद कर दिया। इस वजह से गुरुवार काे भी इन केंद्राें से पुराने मैसेज वाले किसानाें से खरीदी की गई। अब शुक्रवार से नए मैसेज वाले किसानाें से खरीदी की जाएगी। 
दाे समस्या सुलझा लें प्रशासन ताे संभल जाए व्यवस्था
उपार्जन केंद्राें पर अव्यवस्था में दाे ही प्रमुख समस्या सामने आ रही है। चर्चा है कि अगर प्रशासन इनकी व्यवस्था काे दुरुस्त कर लें ताे परेशानियां दूर हाे सकती हैं। प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर बारदान की उचित व्यवस्था और परिवहन हाेने लगे ताे आधी समस्या का समाधान हाे सकता है। बारदान नहीं हाेने से उपार्जन केंद्र खरीदी नहीं कर पा रही है। वहीं परिवहन नहीं हाेने से जगह की समस्या बनी हुई है। यह दाेनाें प्रमुख समस्या उपार्जन केंद्राें की है। वहीं तीसरी समस्या किसानाें की है कि उन्हें खरीदी के बाद भी उसका भुगतान 15 दिन बाद भी नहीं हाे रहा है। शासन काे इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।

नागदा और उन्हेल में हुई 100 फीसदी गेहूं की खरीदी
नागदा तहसील में 13 उपार्जन केंद्र हैं। इन केंद्राें पर देर रात तक पुराने मैसेज वाले किसानाें से खरीदी का कार्य चलता रहा। नागदा और उन्हेल उपार्जन केंद्र पर 100 प्रतिशत खरीदी पुराने मैसेज वाले किसानाें से हुई। शेष 11 उपार्जन केंद्राें पर समस्या आने से खरीदी पूरी नहीं हाे पाई। पासलाेद में बारदान देरी से पहुंचे, रामाबालाेदा में टाेकन वाले किसानाें से खरीदी हाेने के बाद बारदान नहीं हाेने से खरीदी राेकना पड़ी। रूपेटा में बारदान देरी से आए, झिरन्या में बारदान नहीं हाेने और हम्मालों  द्वारा रात 9.30 बजे काम बंद कर देने से समस्या बनी। भाटीसुड़ा और टूटियाखेड़ी में बारदान नहीं हाेने और किसानाें की संख्या अधिक हाेने पर खरीदी पूरी नहीं हाे पाई थी। बरखेड़ा मांडन, हिड़ी, पिपल्या डाबी, पिपलाैदा में बारदान नहीं हाेने से खरीदी प्रभावित हुई। बेरछा में देर रात तक खरीदी हुई। देर रात तक सभी केंद्रों पर 502 किसान शेष थे, जिनकी खरीदी गुरुवार काे की गई।

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