पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

भूमाफिया भूमिगत:पुलिस नाकाम, नेताओं की सांठगांठ से अब सीधे ही पेश कराने की तैयारी

नागदा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • अवैध कॉलोनी काटने वाले 9 लोग अब भी फरार, एक को मिली जमानत

अवैध कॉलोनी काटने वाले 9 लोगों को पकड़ने में स्थानीय पुलिस का पूरा तंत्र नाकाम साबित हो रहा है। वहीं स्थानीय कुछ नेताओं की सांठगांठ से इन लोगों को अब सीधे पेश कराने की तैयारी की जा रही है। इस मामले में पुलिस गिरफ्त में आए एकमात्र व्यक्ति को भी गुरुवार को जमानत मिल गई। कुछ नेताओं द्वारा प्रशासन पर भी दबाव बनाकर अब आगे की कार्रवाई को विराम देने का प्रयास किया जा रहा है।

अवैध रूप से कॉलोनी काटने के मामले में मंडी थाने में 7 और बिरलाग्राम थाने में 3 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए थे। जिनमें मनोज पिता मोहनलाल राठी (बारदानवाला), सीमा पति मनोज राठी, गिरिराज पिता मोहनलाल राठी, नेमीचंद पिता इंदरमल जैन, चांदमल पिता प्यारचंद जैन, दीपक पिता पूनमचंद कैरवार, शरद पिता विमलकुमार जैन, सौरभ पिता गिरीश कैरवार, गोवर्धन पिता गंगाराम जटिया और शेरदिल पिता शेरुलाला के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए थे।

बगैर कृषि भूमि के डायवर्शन, बगैर कॉलोनाइजर का लाइसेंस प्राप्त किए, नगर पालिका और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से अनुमति लिए बगैर ही इन लोगों ने कृषि भूमि पर भूखंडों का विभाजन करते हुए प्लॉट काट दिए। इन सभी के खिलाफ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 339 (ग) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इस मामले में केवल गिरिराज राठी को भी गिरफ्तार किया जा सका था, जिसे न्यायालय से जेल भेजने के आदेश हुए थे।

गुरुवार को गिरिराज की ओर से प्रस्तुत की गई जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए न्यायालय से उसे जमानत मिल गई लेकिन अन्य 9 लोगों को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। मामले में पिछले दो दिनों के भीतर कुछ नेता भी सक्रिय होते हुए कॉलोनाइजर्स के समर्थन में उतर आए हैं। उनकी ओर से प्रशासन पर भी यह दबाव बनाया जा रहा है कि अब आगे कोई कार्रवाई न हो। सूत्रों की मानें तो कुछ नेता इन 9 लोगों को सीधे पेश कराने की तैयारी में जुटे हैं ताकि तत्काल जमानत भी हो सके।

सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया- 30 जून 1998 के बाद बिना अनुमति से काटी सभी कॉलोनियां अवैध
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल हमीद ने आरोप लगाया कि नागदा में 30 जून 1998 के बाद बिना सक्षम अनुमति के निर्मित सभी कॉलोनियां अवैध घोषित हैं। मप्र के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव यूके सामल ने प्रदेश के सभी अनुविभागीय अधिकारियों को 1998 में पत्र एफ 7-1/18-9/98 जारी कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे कि 30 जून 1998 के बाद यदि कोई अवैध कॉलोनी निर्मित हो तो उसे अवैध मानकर सक्षम अधिकारी द्वारा उसे हटाने की कार्रवाई की जाए। परंतु जिम्मेदार अधिकारियों ने तब से लेकर अब तक अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई करना तो दूर, उल्टा उन्हें संरक्षण प्रदान किया। अब राजनीतिक आधार पर उलझाने और बचाने की कार्रवाई का ढोंग किया जा रहा है।

राजनीतिक दबाव डालकर अवैध कॉलोनाइजर्स को बचाने वाले भी दोषी, इन पर भी कार्रवाई होना चाहिए
सामाजिक कार्यकर्ता हमीद ने बताया राजनीतिक दबाव डालकर अवैध कॉलोनी काटने वाले कॉलोनाइजर्स को बचाने वाले भी दोषी हैं। मप्र नगर पालिका अधिनियम 1961 के अध्याय 12-ए की धारा 339 (घ) (5) में स्पष्ट लिखा है कि जो कोई भूमि के अवैध व्यपवर्तन या अवैध कॉलोनी निर्माण के अपराध में अधिकारियों पर ऐसी मंजूरी देने के लिए या ऐसे अवैध व्यपवर्तन की रिपोर्ट का लोप करने के लिए अवैध रूप से असर डालेगा, वह तीन वर्ष के कारावास एवं 10 हजार रुपए तक जुर्माना से दंडित किया जाएगा। इस आधार पर सहयोग करने वाले और अवैध व्यपवर्तन के दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई होना चाहिए। ऐसे लोगों को बचाने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज आप बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से अपने काम संपन्न करने में सक्षम रहेंगे। सभी का सहयोग रहेगा। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। घर के बड़े बुजुर्गों का मार्गदर्शन आपके लिए सुकून दायक रहेगा। न...

    और पढ़ें