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कान्हा झूलेंगे झूला:शिव का होगा शृंगार, एक माह तक मनेगा हिंडोला उत्सव, मंदिरों में तैयारियां

बड़नगर12 दिन पहले
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  • कहीं हरियाली अमावस्या तो कहीं तीज के दिन से झूला उत्सव शुरू होगा, जो रक्षाबंधन तक चलेगा

कोरोना को ध्यान में रखते हुए इस बार भी मंदिर परिसरों में भले ही सावन के मेले ना लगे पर भगवान को झूले झुलाने की तैयारियां शुरू की जाने लगी है। हिंडोला उत्सव की शुरुआत पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के मदनमोहन जी की हवेली में सावन के पहले ही दिन 25 जुलाई को भगवान को झूले में विराजमान कर की जाएगी। बांके बिहारी मंदिरों में कहीं हरियाली अमावस्या तो कहीं तीज के दिन से झूला उत्सव शुरू होगा, जो रक्षाबंधन तक चलेगा। इस दौरान भगवान श्री कृष्ण को आकर्षक वस्त्र धारण कराए जाएंगे।

दूसरी ओर शिवालयों में शिव का न केवल अभिषेक होगा बल्कि चंदन, धतूरा, बिल्वपत्र और पुष्पों से शृंगार किया जाएगा। जूनी कचहरी भगवान लक्ष्मीनारायण मंदिर के पं रोहित दीक्षित ने बताया सावन में उत्सव के दौरान हिंडोले में भगवान को आकर्षक वस्त्रों से सजाकर झुलाया जाता है। महिलाएं सावन की मल्हारें और अन्य गीत गाती हैं। जन्माष्टमी पर भगवान को पालने में विराजमान कर झुलाते हैं। जन्मोत्सव आरती के बाद खीर-पंजेरी का भोग लगाकर बांटा जाता है।

30 दिन मनाएंगे झूला उत्सव
मदनमोहन जी की हवेली के मुखिया प्रभुलाल शर्मा ने बताया भगवान 30 दिन झूला झूलेंगे। झांकियां सजाकर वहां लगाकर भगवान विराजमान किए जाएंगे।

शिव-भक्ति के दिखेंगे नजारे
दूसरी ओर शिव मंदिरों में पूरे सावन में भगवान शिव की भक्ति के रंग दिखाई देंगे। दूध व जल से अभिषेक के साथ ही चंदन, फूल, पत्ती, धतूरा, बिल्वपत्र, पुष्प, मेवा, भांग और भात से शृंगार किया जाएगा।

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