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लीकेज:नागदा से क्लोरो सल्फोनिक एसिड भरकर निकला टैंकर, महू-नीमच फोरलेन पर रिसाव से छाई धुंध

नागदाएक महीने पहले
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  • डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद ग्रेसिम केमिकल डिवीजन की टीम ने मौके पर पहुंचकर बंद किया लीकेज

रतलाम रोड पर गुरुवार सुबह केमिकल से भरे टैंकर में लीकेज से महू-नीमच हाइवे पर वाहनों के पहिए थम गए। रतलाम के औद्योगिक थाना क्षेत्र में हुई घटना में चालक ने सूझबूझ दिखाई और टैंकर को मुख्य सड़क से दूर ले गया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। शारदा राेड लाइंस का टैंकर गुरुवार तड़के ही नागदा के ग्रेसिम केमिकल डिवीजन से क्लोरो सल्फोनिक एसिड भरकर गुजरात के अहमदाबाद में डिलेवरी करने निकला था। इसी दौरान रतलाम के समीप हाइवे पर टैंकर का वॉल्व से एसिड का रिसाव होने लगा, चूंकि इस समय बारिश हो रही थी, इसलिए पानी के संपर्क में आने से हुई क्रिया में हाइवे पर उठे धुएं के गुबार से ग्रामीणों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई।

लोगों ने सांस लेने में परेशानी और घुटन की शिकायत की। सूचना पर रतलाम का प्रशासन और नागदा से उद्योग की टीम मौके पर पहुंचकर लीकेज को दुरुस्त किया। यहां डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद रसायन को अन्य टैंकर में शिफ्ट किया, उसके बाद स्थिति सामान्य हुई। गौरतलब है कि इसके पूर्व 12 जून को लैंक्सेस उद्योग से हाइड्रो क्लोरिक एसिड भरकर निकले टैंकर से खाचरौद के समीप ग्राम बुरानाबाद में रिसाव हुआ था।

तब भी चालक ने टैंकर को मुख्य सड़क के समीप खाली जमीन में उतार दिया था। यह घटना भी अलसुबह ही हुई थी। टैंकरों से लीकेज की घटनाएं आम होने के बाद भी स्थानीय केमिकल उद्योग वाहनों की फिटनेस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लापरवाह ट्रांसपोर्टर अनफिट वाहनों में ही ढुलाई करते हैं, उद्योगों के लॉजिस्टिक विभाग इस ओर ध्यान नहीं देते, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
बड़ा सवाल- बगैर वाहनों की फिटनेस चेक किए रवाना किए जाते हैं टैंकर
केमिकल उद्योग में रसायन ढुलाई करने वाले वाहनों को लेकर कड़े नियम बनाए गए हैं। यहां तक कि उद्योग के भीतर इन वाहनों को लेकर आने वाले चालक तक पूरी तरह प्रशिक्षित होना चाहिए। ढुलाई से पहले और बाद में भी सुरक्षा मापदंडों की पूरी तरह जांच के बाद ही वाहनों को डिलेवरी के लिए रवाना किया जाता है। मगर लगातार हो रही वॉल्व लीकेज की घटना से प्रतीत होता है कि जहां सबसे ज्यादा सावधानी की जरूरत हैं, उद्योग के उसी विभाग में लापरवाही हो रही है। जो जन और जीवन के लिए किसी भी दिन नुकसानदेह हो सकती है।
फसल और मानव जीवन पर दुष्प्रभाव नहीं -सुनीलकुमार
मौके पर पहुंचे उद्योग के अधिकारी सुनीलकुमार बोले- क्लोरो सल्फोनिक एसिड का पर्यावरण, फसल या मानव जीवन पर किसी तरह का दुष्प्रभाव नहीं है, जबकि जिस टैंकर से रिसाव हुआ वो 9 साल पुराना है। पूछने पर भी अधिकारी ने यह नहीं बताया कि रसायन ढुलाई करने वालों को लेकर उद्योग की क्या गाइडलाइन है, कितने पुराने वाहन रसायनों की ढुलाई में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

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