सर्किट हाउस में की चर्चा:रतलाम फाटक पर ब्रिज निर्माण काे लेकर उद्याेग ने दिया अनापत्ति पत्र

नागदा3 महीने पहले
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नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र के तीनों रेलवे ओवरब्रिज खाचरौद-घिनौदा रोड, उमरनी फाटक एवं नागदा गवर्नमेंट काॅलोनी रतलाम फाटक के लिए 29 करोड़ 14 लाख रुपए की स्वीकृति हुई थी। इस पर खाचराैद, उमरनी फाटक पर कार्य शुरू कर दिया गया, लेकिन रतलाम फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण का कार्य अटका हुआ था। इसे लेकर शनिवार काे ब्रिज सेतु निगम अधिकारी और एसडीएम आशुताेष गाेस्वामी ने सर्किट हाउस में चर्चा की। एसडीएम गाेस्वामी ने बताया रतलाम फाटक पर बिरलाग्राम की ओर जमीन काे लेकर पसोपेश की स्थिति बनी थी। जिस पर ग्रेसिम उद्याेग काे पत्र लिखा था। उद्याेग से अनापत्ति पत्र मिल गया है। ऐसे में अब मंडी क्षेत्र की ओर मकानाें काे लेकर चर्चा की गई। इसमें सेतु निगम के अधिकारियों द्वारा उनकी रूपरेखा बताई गई, जिस पर माैके का मुआयना भी किया गया है। अब आगामी प्रक्रिया के तहत जाे मकान ब्रिज निर्माण में आ रहे हैं, उनकी जमीन अधिग्रहण करने की कार्रवाई की जाएगी। उसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि ब्रिज का निर्माण जल्द पूर्ण हाे और आवागमन सुलभ हाे सके। बिरलाग्राम और जनसेवा जाने वाले राहगीरों काे मिलेगी सुविधा गवर्नमेंट काॅलोनी रेलवे फाटक समपार क्रमांक 103 पर 11 करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से ब्रिज बनेगा। इस ब्रिज निर्माण से मुख्य फायदा बिरलाग्राम और जनसेवा जाने वालों काे मिलेगा। कई बार तीन या चार ट्रेनें निकालने के बाद फाटक खुलता है। एेसे में मरीज काे जनसेवा ले जाने में देरी हाेती है और मंडी हाेकर न्यू ओवरब्रिज का रास्ता अपनाना हाेता है। यहां ब्रिज बनने के बाद आवागमन सुलभ हाे जाएगा।

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