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धर्म समाज:पर्यूषण पर्व के समापन पर जैन समाज ने निकाली परमात्मा की रथयात्रा, तपस्वी भी रहे शामिल

नलखेड़ा15 दिन पहले
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नलखेड़ा | परमात्मा को रजत पालकी में किया विराजित। - Dainik Bhaskar
नलखेड़ा | परमात्मा को रजत पालकी में किया विराजित।
  • समाज का स्वामी वात्सल्य कार्यक्रम जैन धर्मशाला में हुआ आयोजित, बहुमान किया

जैन श्वेतांबर समाज के पर्यूषण पर्व के सानंद समापन पर रविवार को सुबह 9 बजे जैन श्वेतांबर मंदिरजी से परमात्मा की रथयात्रा नगर में निकाली गई। इसमें परमात्मा को रजत पालकी में विराजित कर निकाला गया। परमात्मा की रथयात्रा में आठ उपवास की तपस्वी रत्ना साध्वी शुभदर्शनाश्रीजी, समाज के पीयूष फाफरिया नौ उपवास, ऋषि नारेलिया ने आठ उपवास की तपस्या की है। वह भी बग्घी में सवार रहे।

समाजजनों द्वारा परमात्मा के समक्ष गहुली कर अगवानी की गई। स्थानीय जैन श्वेतांबर समाज द्वारा पर्यूषण महापर्व की पूर्णाहुति पर रविवार को श्री चंद्रप्रभु जैन श्वेतांबर मंदिरजी से परमात्मा की रथयात्रा नगर में निकाली गई। रथ यात्रा में पर्यूषण महापर्व के दौरान नो एवं आठ उपवास की तपस्या करने वाले तपस्वी साध्वी शुभदर्शनाश्रीजी को समाज की बालिकाएं कंधों पर उठाकर चल रही थी। वहीं तपस्वी पीयूष फाफरिया तथा ऋषि नारेलिया को सुसज्जित बग्घी में बैठाकर रथ यात्रा में शामिल किया गया।

प्रमुख मार्गों से होती हुई रथ यात्रा हाइ सेकंडरी स्कूल प्रांगण में पहुंची जहां पर परमात्मा की स्नात्र पूजन कर आरती लाभार्थी परिवार द्वारा की गई। इस अवसर पर श्री संघ की ओर से समाज का स्वामी वात्सल्य कार्यक्रम जैन धर्मशाला में रखा गया था।स्थानीय जैन आराधना भवन में तपस्वी पीयूष एवं ऋषि का जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्री संघ की ओर से कंकू तिलक कर मोती माला पहनाकर उन्हें अभिनंदन पत्र एवं चांदी के सिक्के भेंट कर बहुमान किया गया। साध्वीजी द्वारा तप की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा की जिस प्रकार अग्नि में तप कर सोना कुंदन बन जाता है उसी प्रकार तप से आत्मा कुंदन बन जाती है। एवं संचित कर्मों का क्षय होता है।

क्षमापना दिवस मनाया
बेरछा, स्थानीय सुंदरसी पहुंच मार्ग स्थित आनंद भवन में रविवार को सकल जैन श्रीसंघ द्वारा संवत्सरी के अवसर पर सामूहिक क्षमापना दिवस मनाया गया। इसमें समाजजनों ने गलतियों के लिए एक-दूसरे से क्षमा याचना की। इस मौके पर नवरत्न परिवार द्वारा विशिष्ट सेवा देने वाले श्रीसंघ के वरिष्ठ पदाधिकारी का बहुमान किया गया तथा स्थानीय स्तर पर संचालित पाठशाला में अध्ययन करने वाले बच्चों का बहुमान भी किया। इस दौरान समाज के महिला-पुरुषों द्वारा सामूहिक रूप से कोरोना काल में दिवंगत आत्मा के लिए सामूहिक नवकार मंत्र का पाठ किया। संचालन मोनिका रविंद्र जैन ने किया।

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