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लापरवाही:10 हजार टन गेहूं खुले में रखा; सफाई तक नहीं, नतीजा- आटा बनने लगा

उज्जैनएक महीने पहले
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पिपलिया मोलू में जांच करते आयोग के सदस्य व अन्य। - Dainik Bhaskar
पिपलिया मोलू में जांच करते आयोग के सदस्य व अन्य।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भेजे गेहूं के बोरे खराब होने की शिकायत, आयोग के सदस्य ने लिया जायजा

10 हजार टन गेहूं खुले में रखा है, 6 महीने से सफाई तक नहीं करवाई। नतीजा यह हुआ कि जब इन्हें राशन की दुकान पर पहुंचाया गया तो वहां से इनमें खराब गेहूं की शिकायत मिली। इसके आधार पर राज्य खाद्य आयोग के सदस्य किशोर खंडेलवाल ने शुक्रवार को पिपलिया मोलू केंद्र पर पहुंचकर जायजा लिया। जिला आपूर्ति नियंत्रक, क्षेत्रीय प्रबंधक नान, जिला प्रबंधक नान के साथ पहुंच आयोग के सदस्य ने निरीक्षण में पाया कि शाखा प्रबंधक वेयर हाउस नागदा विनोद शर्मा ने खुले में रखे गेहूं का रखरखाव नहीं किया। जिला समिति के बार-बार निर्देश देने के बावजूद 6 महीने से न तो सफाई करवाई न ही सेग्रिगेशन किया। पर्याप्त लेबर भी नहीं लगवाई।

बिना परीक्षण के इसी गेहूं को राशन की दुकानों पर भेज दिया। राज्य खाद्य आयोग के सदस्य खंडेलवाल ने क्षेत्रीय प्रबंधक वेयर हाउस नान और जिला आपूर्ति नियंत्रक को निर्देश दिए कि वे खुद की निगरानी में दस हजार टन गेहूं को एक सप्ताह में सेग्रिगेशन कर राशन दुकानों पर एफएक्यू गेहूं पहुंचाएं। इसके अलावा उन्होंने शाखा प्रबंधक की लापरवाही का प्रतिवेदन मुख्यालय भोपाल और उच्च स्तर पर कार्रवाई के लिए भेजने की बात कही।
घुन लगे गेहूं व आटा मिला
दल ने पिपलिया मोलू केंद्र पर जांच की तो उन्हें गेहूं की थप्पियाें में घुन लगे गेहूं और बोरियों के आसपास आटा भी मिला। जिसके सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा जिला स्तरीय संयुक्त दल का गठन भी किया है।

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