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जागरूकता:98 दिनों में 10997 मरीजों ने होम आइसोलेशन में ही कोरोना को हराया

उज्जैन18 दिन पहले
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अशोक विहार में रहने वाले इस परिवार ने घर पर ही काेरोना को हराया। - Dainik Bhaskar
अशोक विहार में रहने वाले इस परिवार ने घर पर ही काेरोना को हराया।
  • 11200 मरीजों से 203 को हॉस्पिटल में शिफ्ट करना पड़ा, वे भी कोरोना को हराकर घर पहुंचे, मौत एक भी नहीं

कोरोना की दूसरी लहर में यह सुखद खबर है कि 1 मार्च से अब तक 10997 मरीजों ने घर पर ही रहकर कोरोना का हराया है। ये वे मरीज हैं जिन्होंने लक्षण दिखाई देते ही अपना कोविड टेस्ट करवाया और इलाज भी शुरू करवाया। ऐसे मरीज 7 से 10 दिन में ही स्वस्थ्य हो गए। होम आइसोलेशन में रहे 11200 मरीजों में से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। अभी 110 मरीज होम आइसोलेशन में हैं, जो डॉक्टर्स के संपर्क में रहकर इलाज करवा रहे हैं। अशोक विहार कॉलोनी में रहने वाली 48 साल की महिला ने पहले लक्षण में ही कोविड टेस्ट करवा लिया था लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आई थी, दो दिन बाद फिर टेस्ट करवाया तो भी रिपोर्ट निगेटिव ही आई।

उसके बाद उन्होंने सीटी स्कैन करवाया, जिसमें 15 प्रतिशत इंफेक्शन पाया गया। होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करवाया तथा प्रोटोकाल का पूरा पालन किया, नतीजतन वे स्वस्थ्य हो गईं और बैंक में ड्यूटी पर जाने लगी। उनकी मां भी पॉजिटिव पाई गई और बाद में पिता भी। उन्होंने भी घर पर ही कोरोना को हराया।

महिला के पति पहली लहर में संक्रमित पाए गए थे। जब खुद और माता-पिता में संक्रमण पाया गया तो पति के संक्रमित होने के दौरान जो सावधानियां बरती गई थी, उन पर अमल किया और तीनों घर पर ही स्वस्थ्य हो गए।

अब तक 18995 में से 18661 ठीक हुए: 26 मार्च 2020 को उज्जैन में पहला मरीज सामने आने के बाद से अब तक 18995 मरीज पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। जिनमें से 18661 मरीज स्वस्थ्य हो चुके हैं। पहली लहर में 5287 और दूसरी लहर में 13708 मरीज पॉजिटिव पाए गए। जिनमें पहली लहर में 5104 मरीज और दूसरी लहर में 13557 मरीज स्वस्थ्य हुए।

ये 7 उपाय...ऐसे घर पर ही काेरोना पर जीत पाई
1- हवा और रोशनी वाले वेंटिलेशन युक्त कमरे में रहें।
2- कोविड टेस्ट करवाने और रिपोर्ट आने का इंतजार नहीं करें।
3- रिपोर्ट पॉजिटिव पाए जाने पर शरीर के तापमान और ऑक्सीजन लेवल मापते रहें, इसके लिए पल्स ऑक्सीमीटर खरीद लें।
4- लेट कर या बेड पर रहकर ऑक्सीमीटर नहीं लगाए, पहले छह मिनट तक टहलें और फिर ऑक्सीमीटर लगाएं।
5- मोबाइल पर आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड कर लें।
6- सर्जिकल मास्क हर छह से आठ घंटे में बदलते रहें।
7- होम आइसोलेशन में भाप नहीं लें।

पहले लक्षण में ही टेस्ट कराया तो अस्पताल नहीं जाना पड़ा
11200 मरीजों ने घर पर ही कोरोना को हराया है। इनमें से केवल 203 को बाद में हॉस्पिटल में शिफ्ट करना पड़ा था, जो इलाज के बाद स्वस्थ्य हो गए। ये वे मरीज थे जिन्होंने पहले लक्षण में ही कोविड टेस्ट करवाया और इलाज शुरू करवाया। होम आइसोलेशन में किसी की मौत नहीं हुई है।-डॉ. रौनक एलची, नोडल अधिकारी, आरआर टीम

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