• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Ujjain
  • 11 Houses Will Be Demolished And Their 29 Shops Will Be Grounded, Today The Tehsildar Went And Asked Everyone To Vacate The Place

महाकाल मंदिर के सामने कल से तोड़फोड़:11 मकान तोड़े जाएंगे और इनकी 29 दुकानें जमींदोज होंगी, आज तहसीलदार ने जाकर सभी से जगह खाली करने को कहा

उज्जैन2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
महाकाल मंदिर के सामने बनी ये दुकानें और मकान हटाए जाएंगे। - Dainik Bhaskar
महाकाल मंदिर के सामने बनी ये दुकानें और मकान हटाए जाएंगे।
  • 11 मकानों में 29 दुकानें किराए से, सौ से ज्यादा परिवार होंगे प्रभावित

महाकाल मंदिर विस्तारीकरण परियोजना के तहत कल गुरुवार को 11 मकान तोड़े जाएंगे। मकानों के आगे बनी 29 दुकानों को भी तोड़ जाएगा। प्रशासन ने इसकी तैयारी कर ली है। दुकानदारों ने अपनी दुकानें खाली करना शुरू कर दिया है। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे तहसीलदार अभिषेक शर्मा भी मौके पर पहुंचे और सभी बिल्डिंग खाली करने को कहा। ये सभी मकान व दुकानें महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार के ठीक सामने बने हुए हैं।

रेस्टोरेंट भी खाली किया गया।
रेस्टोरेंट भी खाली किया गया।

महाकाल मंदिर के सामने 70 मीटर चौड़ा रास्ता बनाने की यह पहली कवायद है। मकान व दुकान वालों ने बुधवार से सामान समेटना शुरू कर दिया है। सभी यहां से अपना सामान कहीं और ले जा रहे हैं।

1960 से लोगों की प्यास बुझा रहा प्याऊ भी हटेगा

1960 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन ने महाकाल मंदिर के सामने बने इस प्याऊ का उद्घाटन किया था। तब से यहां असंख्या श्रद्धालु अपनी प्यास बुझाने आते हैं।
1960 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन ने महाकाल मंदिर के सामने बने इस प्याऊ का उद्घाटन किया था। तब से यहां असंख्या श्रद्धालु अपनी प्यास बुझाने आते हैं।

इस बीच बुधवार दोपहर को जैसे ही तहसीलदार मकान-दुकानदारों को खाली कराने का कहने पहुंचे, इन्होंने विरोध शुरू कर दिया। कहा, प्रशासन जो नई दुकानें बना रहा है, उसमें हमें प्राथमिकता दी जाना चाहिए। अभी तक हमें केवल आश्वासन मिला है, किसी तरह का लिखित में कोई कागज नहीं दिया गया है।

दुकानों से कीमती और रीयूज होने वाला सामान हटाया गया।
दुकानों से कीमती और रीयूज होने वाला सामान हटाया गया।

मैं यहीं की बहू बनकर आई थी, ऐसे जाना अच्छा नहीं लग रहा -
मैं यहां करीब 40 साल पहले बहू बनकर आई थी। तब ये यहीं रह रही हूं। बच्चों के बाद पोता-पोती भी सब यहीं बड़े हुए। महाकाल मंदिर के विस्तार से हमें भी खुशी है, पर इस तरह से यहां से जाना अच्छा नहीं लग रहा। यहीं से हमारा गुजारा होता है। अब बुढ़ापे में कहां जाएंगे, ये सोच-सोचकर घबराहट हो रही है। अभी तो बेटी ने अपना एक फ्लेट रहने के लिए दिया है, लेकिन आगे क्या करेंगे? पति की केवल मिठाई की दुकान है, वह भी टूट जाएगी। ऐसे में हम बुढ़ापे में कैसे अपना पेट पालेंगे।

सुरेखा शर्मा, रहवासी

मेरे दादाजी ने यहां राजदान ट्रस्ट से दुकान ली थी बाद में ये दुकान सांई फाउंडेशन को ट्रांसफर हो गई। अब हम उसी के किराएदार हैं। हमारी 100 वर्गफुट की दुकान में पांच भाईयों और 10 लड़कों काे रोजगार मिला हुआ है। हमारी छोटी से दुकान में हार-फूल, फोटो फ्रेमिंग, फोटो बनाने जैसे काम होते हैं। हम यहां पांच शिफ्ट में काम करते हैं। अकेले हमारी दुकान से सौ लोगों का घर चलता है। हमने प्रशासन, मंत्री सभी से कहा कि प्रशासन जो भी दुकानें दे रहा है, उसमें हमें प्राथमिकता दी जाए, लेकिन अभी तक किसी ने भी आश्वासन नहीं दिया है।
बाबू यादव, दुकानदार

प्रशासन नियमानुसार कर रहा कार्रवाई -
महाकाल मंदिर परिसर का विस्तार होना है। यहां प्रशासन ने पूरा काम नियमानुसार किया है। सभी 11 मकान मालिकों को मुआवजा दिया जा चुका है। मैंने आज मकान मालिकों के साथ दुकान संचालकों को भी कहा है कि कल प्रशासन की टीम यहां खाली कराने की कार्रवाई करेगी, इससे पहले अपना सामान हटा लें।
अभिषेक शर्मा, तहसीलदार, उज्जैन।

खबरें और भी हैं...