सुविधा:110 ने इम्युनिटी टेस्ट कराया, 10 से 15 संक्रमित मरीजों के संपर्क में तो आए पर प्रभावित नहीं हुए

उज्जैनएक वर्ष पहले
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  • मरीज के शरीर में एक बार एंटीबॉडी बन जाए तो इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कितनी है, यह पता करने के लिए 110 लोगों ने आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में लगी मशीन से इम्युनिटी टेस्ट कराए हैं।  32 दिनों में हुए टेस्ट में 10 से 15 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव यानि वे संक्रमित के संपर्क में तो आए लेकिन प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होने से वे प्रभावित नहीं हुए। संक्रमित होने से बच गए। उनमें अब संक्रमण का कोई खतरा नहीं है बाकी के 95 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव यानि उनकी प्रतिरोधक क्षमता बेहतर है। मुख्य रूप से ट्रेवलिंग करने वालों, कांटेक्ट हिस्ट्री और स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत व सार्वजनिक क्षेत्र में कार्यरत लोगों ने  टेस्ट कराए हैं। वरिष्ठ डॉ. सुधाकर वैद्य ने बताया मशीन में टोटल एंटीबॉडी टेस्ट हो जाते हैं। एक बार एंटीबॉडी बन जाए तो इंफेक्शन नहीं होता है। इंफेक्शन होगा तो भी कम ग्रेड या माइल्ड इंफेक्शन होगा। 

18 से 20% आबादी में इम्युनिटी अच्छी, संक्रमण नहीं
विशेषज्ञों का कहना है किसी शहर या जिले की कुल आबादी में 18 से 20 प्रतिशत लोगों की प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है तो वहां कोराना संक्रमण फैलने का खतरा नहीं रहता क्योंकि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर भी प्रतिरोधक क्षमता वाला व्यक्ति संक्रमित नहीं होता। ऐसे में चैन ब्रेक हो जाती है। 

लेवल 1 से ऊपर पॉजिटिव
आरडी गार्डी में लगी मशीन में मरीज के एंटीबॉडी का लेवल पता चल जाता है। 1 से ऊपर लेवल पाया जाता है तो पॉजिटिव और इससे नीचे लेवल रहता है तो निगेटिव।
इम्युनिटी के लिए ये करें

  • प्रोटीन व विटामिन युक्त भोजन अिधक करें।
  • हरी सब्जी व फल खाएं।
  • योगा व प्राणायाम करें।
  • स्ट्रेस से बचें। तनाव मुक्त जीवन जीएं।
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