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लोक अदालत:2319 का निराकरण, करोड़ों के अवार्ड पारित, वर्षों से अलग रह रहे दंपती अब समझौते के बाद साथ रहेंगे

उज्जैन2 महीने पहले
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दंपती समझाइश के बाद एक-दूसरे के हुए। - Dainik Bhaskar
दंपती समझाइश के बाद एक-दूसरे के हुए।

शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में सभी प्रकार के कुल 3219 मामलों का निराकरण हुआ और करोड़ों रुपए के अवार्ड भी पारित हुए। वर्षों से अलग रहे रहे दंपत्ति के बीच समझौता करवाया गया, अब वे साथ रहेंगे। लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन के 7452 में से 1132 तथा न्यायालय में लंबित 6829 में से 1187 यानी कुल 2319 प्रकरणों का निराकरण हुआ। करीब 11 करोड़ से अधिक के अवॉर्ड पारित हुए। इनमें मोटर दुर्घटना के 134 क्लेम के मामलों में पीड़ित व्यक्तियों को 4 करोड़ 45 लाख रुपए के अवार्ड पारित किए गए।

लोक अदालत का शुभारंभ के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला न्यायाधीश आरके वाणी ने कहा कि लोक अदालत विवाद के पक्षकारों को समझौते के आधार पर सहज एवं सुलभ न्याय दिलाने का सरल एवं नि:शुल्क माध्यम है। लोक अदालत के संयोजक एवं विशेष न्यायाधीश अश्वाक एहमद खान, परिवार न्यायालय के न्यायाधीश वीके गुप्ता, जिला न्यायाधीशगण संतोषप्रसाद शुक्ला, जितेंद्र कुशवाह, शशिकांत वर्मा आदि मौजूद रहे।

दशरथ की फिर से हुई पूजा
कालियादेह निवासी पूजा का विवाह धार निवासी दशरथ के साथ 28 अप्रैल 18 को हुआ। दंपती अलग हो गए। पति ने पत्नी को घर वापस लाने का प्रकरण न्यायालय में लगाया था। दंपती को समझाइश दी गई, अब वे साथ रहेंगे।

इन प्रकरणों का निराकरण
निर्भय सिंह द्वारा पुत्रों के विरुद्ध भरण-पोषण का प्रकरण अक्टूबर 21 को पेश किया था। इसमें समझौते के आधार पर समाधान हुआ।

माधवनगर थाना क्षेत्र के सुजल राजपूत के विरुद्ध प्रज्ज्वलसिंह के साथ मारपीट का केस था। इसका निराकरण एक ही दिन में हो गया। पैरवी हरदयालसिंह ठाकुर ने की।

लोक अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके वाणी की खंडपीठ में 31 प्रकरण एवं विद्युत अधिनियम संबंधी विशेष न्यायाधीश (शहरी क्षेत्र) जितेंद्रसिंह कुशवाह द्वारा 122 एवं विद्युत अधि विशेष न्यायाधीश (ग्रामीण क्षेत्र) आदेशकुमार जैन द्वारा 104 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें काफी प्रकरण 5 साल की लंबी अवधि से न्यायालय में लंबित थे।

फसल बीमा के 4 प्रकरणों का निराकरण करते हुए किसान को उनकी फसल बीमा के 3 लाख 25 हजार की क्षतिपूर्ति का अवार्ड पारित किया गया। बैंक के 105 कर्जदारों के प्रकरणों का निराकरण भी विशेष छूट के आधार पर करवाया गया।

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