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कोरोना संक्रमण:27% एक्टिव मरीज ग्रामीण क्षेत्र के, पंचायतों को अनटाइड फंड का 10% खर्च करने के निर्देश

उज्जैन2 महीने पहलेलेखक: रवि चंद्रवंशी
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  • रुपेटा में 5 दिन में 6 माैत, घराें में संदिग्धों का इलाज, कनवास में जा चुकी है 7 जानें
  • दो दिन पहले सीएम ने अंचलों में फैलते संक्रमण को लेकर कहा था चेन को ब्रेक करने के हर संभव प्रयास करें

जिले में शुक्रवार शाम तक कोरोना के कुल एक्टिव 2921 मरीज में 27 फीसदी यानी 796 अंचल के थे। यह आंकड़ा चिंता में डालने वाला है। ऐसे में अब शहर की तरह ही अंचल में भी संक्रमण की रोकथाम के लिए नित नए प्रयास किए जा रहे हैं। दो दिन पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीसी के जरिए ग्रामीण इलाकों में बढ़ते संक्रमण को लेकर चिंता जताई थी। कलेक्टर सहित सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर हाल में अंचल में संक्रमण को बढ़ने से रोकें, उसकी चेन को ब्रेक करें।

इधर इन तमाम परिस्थितियों के बीच जिला पंचायत सीईओ अंकित अस्थाना ने सभी ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त के अनटाइड फंड की 10 फीसदी राशि को संक्रमण की रोकथाम पर खर्च करने के आदेश दिए हैं। इस राशि से संबंधित ग्राम पंचायत में पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर आदि मेडिकल उपकरण खरीदे जा सकेंगे या फिर संक्रमित मरीजों के खान-पान व अन्य सुविधाओं पर भी खर्च की जा सकेगी।

संक्रमण रोकने की अब तक ग्राम पंचायतों में यह कोशिशें

10 बेड के क्वारेंटाइन सेंटर : इनमें कोरोना के ऐसे संदिग्ध मरीजों को रखा जा रहा है जिनके पास अलग से घर में रहने की व्यवस्था नहीं है।
भाप केंद्र : प्रत्येक ग्राम पंचायत में एमडीएम के सामान से भाप केंद्र स्थापित किए गए हैं। जहां सर्दी-खांसी से पीड़ित लोग भाप लेने पहुंच रहे हैं।
डोर टू डोर सर्वे : इसके जरिए बीमार व संदिग्ध मरीजों को चिह्नित कर घर में रहकर ही इलाज के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मेडिसिन किट का वितरण : अंचल में करीब 7000 मेडिसिन किट का वितरण करवाकर टीकाकरण के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
माइक्रो कंटेनमेंट : जहां सर्वाधिक पॉजिटिव सामने आ रहे हैं, वहां माइक्रो कंटेनमेंट बनाकर निगरानी की जा रही है।
ऑक्सीजन व बेड की उपलब्धता : मरीजों को ऑक्सीजन वाले व सामान्य बेड की आवश्यकता होने पर उन्हें तहसील व जिला मुख्यालय पर ये मुहैया करवाएंगे।

गांवों में संक्रमण रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं- अंचलों में संक्रमण को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में शासन से प्राप्त आदेश के बाद पंचायतों को निर्देश दिए हैं कि वे 15वें वित्त के अनटाइड फंड की 10 फीसदी राशि जरूरत के अनुसार कोरोना नियंत्रण पर खर्च कर सकते हैं। - अंकित अस्थाना, सीईओ, जिला पंचायत

रुपेटा में ग्रामवासी बोले- अभी तक कोई पॉजिटिव नहीं है, लोग अपने-अपने घरों में करा रहे इलाज
शहर से 3 किमी दूर स्थित गांव रुपेटा में 5 दिन में 6 माैत हाे चुकी है। इसमें बुजुर्ग के अलावा महिला और जवान भी शामिल हैं। हालांकि किसी की रिपाेर्ट कोरोना पाॅजिटिव नहीं बताई गई है। शुक्रवार काे भी एक माैत उज्जैन में हुई लेकिन बताया जा रहा है कि उसे ब्लड इंफेक्शन था। इससे उसकी मौत हुई। ग्रामीणाें ने चर्चा में बताया कि कोरोना पाॅजिटिव मरीज अब तक गांव में नहीं आया है।

कनवास में चार पाॅजिटिव, एएनएम के भराेसे अस्पताल, हर दूसरे-तीसरे घर में लाेग बीमार
गांव कनवास उज्जैन और रतलाम जिले की सीमा पर है। कुछ दिनों पहले यहां दाे कोराेनाे पाॅजिटिव मरीज मिले थे, जिनकी अब रिपाेर्ट निगेटिव आ चुकी है। अब तक सात लाेगों की माैत हुई है लेकिन सभी बुजुर्ग थे। ग्रामीणों के मुताबिक तीन दिन पहले यहां हालात काफी खराब थे। लगभग हर तीसरा व्यक्ति बीमार चल रहा था। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा सर्वे कार्य किया लेकिन मेडिकल किट नहीं दी गई। हालांकि ग्रामीणों ने रतलाम जाकर अपना उपचार कराया है, जिसके बाद से अब यहां राहत है और लोग सावधानी बरत रहे हैं।

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