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मंडे पॉजिटिव:शादी के 3 दिन पहले 12वीं की छात्रा घर छोड़ थाने पहुंची, बोली- पढ़ना चाहती हूं, सशर्त शादी कैंसिल

उज्जैनएक वर्ष पहले
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संकेतात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
संकेतात्मक फोटो
  • बोलीं- जब तक मैं कुछ बन नहीं जाती, शादी नहीं करूंगी एसडीएम कोर्ट में मामा ने ली पढ़ाने की जिम्मेदारी

पढ़ाई की खातिर 12 वीं की छात्रा ने शादी के तीन दिन पहले न सिर्फ घर छोड़ा बल्कि शादी कैंसिल भी करवाई। तय किया कि जब तक कुछ बन नहीं जाती, शादी नहीं करूंगी। छात्रा के दृढ़ इरादे के आगे परिवार को विवश होना पड़ा और एसडीएम कोर्ट में सशर्त उसकी बात मानते हुए छात्रा की इच्छानुसार पढ़ाने का लिखित में वादा किया गया। शहर के चिमनगंज थाना क्षेत्र के ढांचाभवन में रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा का निकाह 17 अगस्त को तय हुआ था।

छात्रा इससे बिल्कुल भी खुश नहीं थी। उसने माता-पिता के सामने आगे पढ़ाई की इच्छा जताई लेकिन उन्होंने आर्थिक हालातों का हवाला देकर आगे पढ़ाने से इनकार कर दिया। इसके बाद 14 अगस्त को छात्रा ने बैग में कपड़े रखे और महिला थाना पहुंची। यहां मौजूद महिला थाना प्रभारी मुन्नी परिहार को इस संदर्भ में अवगत कराया, जिसके बाद पुलिस ने परिजनों को सूचित किया व सारंगपुर निवासी लड़के वालों से बात कर शादी कैंसिल कराई। छात्रा घर जाने को तैयार नहीं थी। महिला थाना एएसआई जुबेदा शेख ने परिजनों को समझाइश देकर छात्रा को वन स्टॉप सेंटर भिजवा दिया।

जिस लड़के को कभी देखा नहीं, उससे कैसे शादी कर लूं
छात्रा का कहना था कि माता-पिता बहुत गरीब हैं। मजदूरी करते हैं। घर में हम दो बहनें हैं लेकिन मैं चाहती हूं कि आगे पढ़ूं ताकि मैं कुछ बन जाऊं तो छोटी बहन को भी दिक्कत नहीं आए व परिवार को भी तकलीफों का सामना नहीं करना पड़े। माता-पिता की सोच सही है लेकिन मैं पढ़ना चाहती हूं। वे उस लड़के से शादी करवा रहे हैं, जिसे कभी देखा ही नहीं। मैं माता-पिता की इच्छानुसार समाज में ही उनकी पसंद के लड़के से शादी करूंगी लेकिन अभी मुझे पढ़ने दिया जाए।

मामा ने कहा- जब तक पढ़ना चाहेगी, उसे पढ़ाएंगे
छात्रा को वन स्टॉप सेंटर प्रभारी आभा शर्मा ने एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किया। यहां परिजनों को बुलवाया गया। तय हुआ कि छात्रा को देवास निवासी मामा रखेंगे। मामा ने यह भी वादा किया कि जब तक भांजी पढ़ना चाहेगी, उसे पढ़ाएंगे और उसी की इच्छानुसार शादी तय करेंगे। सशर्त लिखितनामा के बाद छात्रा देवास मामा के पास भेज दी गई। वन स्टॉप सेंटर प्रभारी शर्मा ने बताया वे छात्रा व उसके मामा से फोन पर बात कर हालचाल भी पता कर रहे हैं व अब खुश है।

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