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  • 35 Lakh Recovery From 126 Beneficiaries Including 70 Ineligible, 167 Still Not Constructing Houses

अंचल में पीएम आवास के हाल:70 अपात्रों सहित 126 हितग्राही से 35 लाख रुपए की रिकवरी, 167 अभी भी मकानों का निर्माण नहीं कर रहे

उज्जैन14 दिन पहलेलेखक: रवि चंद्रवंशी
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अभी भी आवासों का निर्माण अधूरा है। - Dainik Bhaskar
अभी भी आवासों का निर्माण अधूरा है।
  • 22,024 आवास पूरे, अधिकारियों का दावा- बचे निर्माण जल्द पूरे करवाएंगे

जिले के अंचल के हितग्राहियों का चालू वित्तीय वर्ष का पीएम आवास योजना का नया लक्ष्य आ गया है। ये हालात तब हैं, जब योजना का पुराना लक्ष्य ही शत-प्रतिशत पूरा नहीं हो पा रहा है। इसलिए कि अंचल में 70 अपात्र हितग्राही भी पीएम आवास योजना का लाभ ले रहे थे, अब इनके सहित 126 हितग्राहियों से 35 लाख रुपए की रिकवरी कर शासन को भेजी है।

इनके अलावा कुछ हितग्राही स्थायी रूप से पलायन कर गए, कुछ की मौत हो गई और कुछ मामलों में किस्त प्राप्त होने के बाद भी हितग्राही निर्माण में आनाकानी कर रहे हैं। इन तमाम कारणों व बाधाओं के चलते लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण नहीं हो पा रहा है। बावजूद अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जल्द लक्ष्य पूरे कर लिए जाएंगे। जिले में वर्ष 2016-17 से 2021-22 तक के लिए कुल 21,215 आवास का लक्ष्य मिला था। इनमें से 20,759 आवास के निर्माण पूरे कर लिए गए थे। ऐसे में 456 आवास बनने ही रह गए थे।

चुनौतीभरा है काम

जिम्मेदार मानकर चल रहे थे कि जल्द ही इनका भी निर्माण हितग्राहियों से जल्द व समय रहते करवा लेंगे लेकिन ये काफी चुनौतीभरा लग रहा है। इसलिए कि इन आवासों के निर्माण नहीं होने के पीछे कई तरह की बातें व कारण सामने आते रहे हैं। विभिन्न स्तरों पर इनका समाधान करने के बावजूद भी जिले के अंचल में इन पुराने यानी पहले के लक्ष्य के 167 आवास बनने अभी भी बाकी है। इससे लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा होने में उलझता दिखाई दे रहा है। इसी बीच जिले में अब चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 14,789 आवास का लक्ष्य आ गया है। इसके एवज में अब तक 1204 आवास पूर्ण कर लिए गए हैं। इस तरह अंचल में 2016-17 से अब तक कुल 22,024 आवास पूर्ण करवा लिए गए हैं।

पीएम आवास का सफर... कैसी-कैसी रुकावट व उलझनें

  • वर्ष 17 से 2021-22 तक के 5 साल में 21,215 पीएम आवास का लक्ष्य मिला था।
  • इनमें से 20,759 आवास के निर्माण तेजी से हुए।
  • ऐसे में 456 आवास के निर्माण नहीं हो रहे थे।
  • हितग्राहियों को समझाइश दी तो 61 आवास के और निर्माण हुए।
  • बचे 395 आवास व उनके हितग्राहियों की पड़ताल यानी भौतिक सत्यापन किया गया।
  • पता चला कि इनमें से 18 हितग्राही की मौत हो चुकी हैं उनका कोई वारिस नहीं।
  • 84 ऐसे हितग्राहियों की जानकारी लगी तो कि स्थाई रूप से पलायन कर गए हैं।
  • इस तरह 293 हितग्राही आवास बनाने से शेष रह गए थे।
  • अब मामले में कार्रवाई शुरू की गई तो इनमें से 126 हितग्राहियों से रिकवरी कर राशि शासन को भेजी गई। इनमें उन 70 लोगों की राशि भी शामिल रही, जिनके बारे में बाद में पता चला कि वे तो योजना के लिए पात्र ही नहीं थे।
  • इस तरह अब अंचल में 167 हितग्राही ही बचे हैं, जो कि राशि मिलने के बावजूद भी आवास निर्माण नहीं कर रहे हैं। आशंका हैं कि इन्होंने अन्य कामों में राशि खर्च कर दी है।
  • हालांकि जिम्मेदार अधिकारियों का दावा है कि वे इन 167 हितग्राहियों से भी जल्द निर्माण करवा लेंगे।

अब आगे- 2022-23 के लिए 14,789 आवास का लक्ष्य, इनमें से 1204 पूरे

इधर, सरकार से जिला पंचायत को चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए अंचल में 14,789 आवास का निर्माण करवाने का लक्ष्य मिला है। इनमें से 14,241 हितग्राहियों को पहली किस्त जारी कर दी गई है, जबकि 1204 आवास का निर्माण पूरा भी करवा लिया गया है। पीएम आवास के लिए प्रति हितग्राही 1 लाख 20 हजार रुपए मुहैया करवाए जाते हैं। ये राशि किस्त में क्रमश: 25 हजार, 40 हजार, 40 हजार और 15 हजार रुपए के तौर पर मुहैया करवाई जाती है। प्रति किस्त का उपयोग निर्माण के रूप में दिखने पर ही अगली किस्त जारी होती है।

कुछ मामलाें में कार्रवाई जारी

अंचल में पीएम आवास का नया लक्ष्य आ गया है। पुराना जो लक्ष्य था, उसे भी पूरा करने के प्रयास कर रहे हैं। कुछेक मामलों में रिकवरी कर राशि शासन को भेज दी गई है। कार्रवाई व प्रयास दोनों ही लगातार जारी रहेंगे। अंचल में 22 हजार से अधिक आवास पूर्ण करवा लिए हैं।
-अजय भालसे, नोडल अधिकारी, पीएम आवास जिला पंचायत

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