अब प्रशासन ही यहां का नरेश:400 करोड़ की जमीन अब मुक्त, महिला कर्मचारियों को आज मिलेगी स्वास्थ्य सेवाएं

उज्जैन9 महीने पहले
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कुल जमीन 4.934 हेक्टेयर। नरेश जीनिंग फैक्ट्री की स्थापना के लिए शासन से लीज पर ली गई थी। मगर जीनिंग का काम बंद होने के बाद ताकायमी कारखाना उपयोग की सरकारी जमीन काे लौटाने के बजाए बेजा लाभ उठाया जा रहा था।

यहां 32 से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठान अवैध तरीके से संचालित हो रहे थे। एक दर्जन से अधिक गोडाऊन थे, जिनसे लाखों रुपए किराया कमाया जा रहा था। दो माह पूर्व 11 जनवरी को कलेक्टर के आदेश पर प्रशासन ने भूमि पर कब्जा लिया गया था, मगर अवैध निर्माण को हटाया नहीं गया था। रविवार को जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने सुबह 8 बजे यहां अवैध कब्जे को हटाने का अभियान शुरू किया।

कब्जा हटाने में मिला लाखों का स्क्रेप
अवैध कब्जा हटाने के दौरान लाखों रु. का स्क्रेप भी जमा हुआ है, जिसे निगम ने अपने कब्जे में लिया है। मौके पर एडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी, एडिशनल एसपी अमरेेंद्र सिंह, एसडीएम संजीव साहू लगभग 400 करोड़ की बेशकीमती जमीन पर कब्जा हटने तक मौजूद रहे। इतनी महंगी जमीन पर अवैध तरीके से संचालित व्यावसायिक गतिविधियों में शराब का ठेका, होटल, पान, नमकीन की दुकानें, आटा चक्की, मेडिकल स्टोर, प्रिंटिंग प्रेस आदि दुकानें थी। 12 गोडाउन भी ढहाए गए।

शनिवार रात ही हो चुकी थी तैयारी
मिल परिसर की आगर रोड पर बनी दुकानों को ढहाने का खाका प्रशासन ने दो दिन पहले ही तैयार कर लिया था। शनिवार रात को ही गोपनीय तरीके से पुलिसकर्मियों को रविवार सुबह आगर रोड पर पहुंचने के निर्देश दे दिए गए थे। रविवार सुबह आठ बजे से कोयला फाटक से लेकर मंडी गेट तक यातायात को रोककर डायवर्ट कर दिया गया। दुकानदारों को पहले ही दुकान खाली कर देने की नोटिस दिया जा चुका था।

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