सर्वर की गड़बड़ी / ग्रुप हाउसिंग, कमर्शियल काॅम्प्लेक्स सहित 516 नक्शे अटके

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  • छह महीने से नहीं हो रहे शहर में भवन निर्माण, सर्वर में शहर के ले-आउट को अपडेट तक नहीं किया

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 08:08 AM IST

उज्जैन. एबीपीएएस-2 सर्वर की त्रुटियों से शहर का डेवलपमेंट थम सा गया है। कोरोना संक्रमण काल में  फिर से शहर  विकास की रफ्तार पकड़ने को  तैयार हो रहा है लेकिन  सर्वर ने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। बिल्डिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि ग्रुप हाउसिंग और जी प्लस थ्री कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के नक्शे स्वीकृत नहीं हो रहे हैं।

इससे आवासीय और व्यावसायिक  डेवलपमेंट नहीं हो पा रहा है। पिछले 6 महीने से यह समस्या बनी हुई है। 980 में से 516 नक्शे पेंडिंग है यानि शहर में 500 से ज्यादा बिल्डिंग का निर्माण रुका हुआ है। खास बात तो यह है कि सर्वर में शहर के स्वीकृत ले-आउट को अपडेट तक नहीं किया गया है, जिसके कारण ड्राइंग को स्वीकृत करने में  त्रुटि हो सकती है। शहर का डेवलपमेंट  रुकने के साथ ही शासन को भी राजस्व की हानि भी हो रही है। निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया नक्शे स्वीकृति में जो समस्या आ रही है, उसके निराकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

एक नजर
टोटल नक्शे
980
स्वीकृत
461
पेंडिंग
516
ये त्रुटियां जो रोक रही डेवलपमेंट, सर्वर ही मास्टर प्लान के अनुसार नहीं 

  •  सर्वर में एडिट का ऑप्शन होने के कारण राशि निर्धारण नियमों के तहत नहीं हो पा रही है।
  •  कर्मकार मंडल की राशि का निर्धारण सही तरीके से नियमों के तहत नहीं हो पा रहा है।
  •  निगम अधिकारी भी इस समस्या से अवगत हैं लेकिन  इसका निराकरण 6 माह बाद भी नहीं हो पाया है। एबीपीएएस में प्रस्तुत प्रकरणों की स्क्रूटनी समय पर नहीं हो रही है।
  •  ड्राइंग की स्क्रूटनी के बाद त्रुटियां क्लियर नहीं बताई जाती। 
  •  त्रुटियों के निराकरण के लिए संस्था को मेल करने के बाद न निराकरण किया जाता है और न ईमेल का कोई जवाब आता है।
  •  सर्वर को बार-बार अपडेट कर दिया जाता है। ड्राइंग स्क्रूटनी में त्रुटि बताकर रिजेक्ट कर देते है। 
  •  एबीपीएएस-2 में प्लाॅट अनलॉक कंसल्टेंट द्वारा किया जाता है एक ही प्लॉट को एक से अधिक कंसल्टेंट द्वारा ऑनलाइन सबमिट किया जा रहा है, जिससे विसंगतियां हो रही है।
  •  ऑनलाइन प्रकरण प्रस्तुत करते समय प्लाॅट के पते के स्थान पर भूखंड स्वामी के निवास का पता लिखा होने के कारण निरीक्षण समय पर नहीं हो पा रहा है।
  •  बी-1 द्वारा साइट विजिट की सूचना भवन स्वामी या वास्तुविद को देने का प्रावधान नहीं है।
  •  ड्राइंग को प्री चैक करने का कोई प्रावधान नहीं है।
  •  पुराने शहर में प्रस्तावित ड्राइंग में मास्टर प्लान में मार्ग की चौड़ाई के अनुसार रोड ड्राइंग के लिए भूमि रिक्त की जाती है, जबकि सर्वर में ऐसा प्रावधान नहीं है।
  •  सर्वर ही मास्टर प्लान के अनुसार नहीं है और न ही इसका सरलीकरण किया गया है।

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