पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी:49 दिन में 92 हजार 856 किसानों से 6 लाख 77 हजार 554 टन गेहूं खरीदी

उज्जैनएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
गेहूं ख़रीदी केंद्र पंथपिप्लई में भंडारण का जायजा लेते जिला आपूर्ति नियंत्रक - Dainik Bhaskar
गेहूं ख़रीदी केंद्र पंथपिप्लई में भंडारण का जायजा लेते जिला आपूर्ति नियंत्रक
  • अफसरों का दावा 97% परिवहन के साथ भंडारण कर लिया

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शनिवार को खत्म हो गई। जिले में इस वर्ष 92856 किसानों ने पंजीयन करवाया था। 27 मार्च से 15 मई तक 677554 टन गेहूं खरीदी की गई है। जिले में 1 लाख 29 हजार 396 किसानों को एसएमएस भेजे गए थे। खरीदे गए गेहूं में से 660930 टन का (97 फीसदी) का परिवहन कर सुरक्षित भंडारण करने का दावा किया जा रहा है। जिला आपूर्ति नियंत्रक का कहना है कि शेष गेहूं का दो दिन में परिवहन कर भंडारण कर दिया जाए। साथ ही आकस्मिक बारिश को देखते हुए परिवहन से शेष स्टॉक की सुरक्षा, तिरपाल की व्यवस्था करने का दायित्व संबंधित समिति प्रबंधक का रहेगा।

जिला आपूर्ति अधिकारी एमएल मारू ने बताया 15 मई तक 1165 करोड़ में से 80453 किसानों को 1106 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है। जो किसान बचे हैं उन्हें 7 दिनों में भुगतान की कार्रवाई कर , शेष रहे स्वीकृति पत्रक जारी करने के लिए जिला प्रबंधक नाॅन को निर्देश दिए हैं। किसान उनके भुगतान नहीं होने पर संबंधित खरीदी केंद्र या जिला स्तरीय कंट्रोल रूम 0734-2526194 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

इन पांच कारणों से बढ़ी गेहूं की खरीदी
1 खरीदी में समस्या होने पर समाधान के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया। इसके फोन नंबर 0734-2526194 पर किसान समस्या दर्ज करा सके। ओमप्रकाश गुप्ता, उपायुक्त सहकारिता, मोबाइल नंबर-8319810317 को प्रभारी अधिकारी नियंत्रण कक्ष बनाया।
2 किसानों को बैठने के लिए छाया टेंट, पीने का स्वच्छ पानी की व्यवस्था करवाई। अस्थायी शौचालय, फर्स्ट एड बाक्स आवश्यक दवाइयां, सैनिटाइजर, मास्क, हम्माल तुलावटी, किसानों के हाथ धुलवाने के लिए साबुन, पानी की बाल्टियां, केंद्र पर संस्था प्रबंधक, प्रशासक, केंद्र प्रभारी, सर्वेयर खुद एसएमएस प्राप्त किसानों से खरीदी कराने में जुटे।
3 किसान को खरीदी की ऑनलाइन प्रिंट रसीद देकर उनके गंतव्य की ओर भेजा। खरीदी केंद्र पर सख्ती से सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना गाइड लाइन का पालन कराया। खरीदे गेहूं के स्टॉक के स्टेक लगाकर सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल की व्यवस्था की।
4 तौल कांटों, धरम कांटों का नापतौल विभाग के अफसरों ने नियमित निरीक्षण किया। तौल में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो और मानक अनुसार तौल किया जाए इसका ध्यान रखा। खरीदी केंद्रों पर तौलकांटे के परीक्षण के लिए 50 किलो का सत्यापित बांट रखा गया। रोज सुबह तौल शुरू होने के पहले किसानों के सामने तौलकांटे का 50 किलो के बांट से परीक्षण कर मौका पंचनामा बनाकर रिकाॅर्ड रखा।
5 केंद्रों के लिए नियुक्त नोडल अफसर रोज केंद्रों पर उपस्थित रहकर संबंधित केंद्रों से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करने में जुटे रहे। उपस्थिति पंजी में रोज उपस्थिति, समय, दिनांक सहित हस्ताक्षर भी किए। खरीदे गए गेहूं का जिला विपणन अधिकारी पर्याप्त संख्या में ट्रक वाहन लगाकर परिवहन करके भंडारण किया।

खबरें और भी हैं...