संकल्प से हारेगा कोरोना:65 साल के दिव्यांग और 57 साल की महिला के जज्बे से हारा संक्रमण, दोनों डिस्चार्ज

उज्जैन6 महीने पहले
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देसाई नगर में रहने वाली मां का चरक में बैंक अधिकारी बेटी ने अहमदाबाद से इलाज करवाया। वह मां की लगातार रिपोर्ट पता करती रही। डॉक्टर्स से संपर्क बनाए रखा। अब मां स्वस्थ्य है और उन्हें डिस्चार्ज कर दिया है। मां यहां अकेली रहती हैं। 57 साल की कल्पना कुंभारे निवासी देसाईनगर 21 अप्रैल को पॉजिटिव आईं थीं, उन्हें चरक में भर्ती किया था। अपनी मां के इलाज के लिए सारे प्रयास जारी रखे। मां को हर तरह की चिकित्सकीय मदद पहुंचाई। डॉक्टर ने उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन लिखे तो बेटी सोनाली कुंभारे ने प्रयास कर उपलब्ध करवाएं।

उन्हें दो इंजेक्शन लगाए जाने और अस्पताल में प्रॉपर ट्रीटमेंट मिलने से अब वे स्वस्थ्य हैं। उन्हें 27 अप्रैल को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। अब उन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है। बेटी सोनाली कुंभारे अहमदाबाद में बैंक ऑफ बड़ोदा में बैंक अधिकारी हैं। 65 साल के दिव्यांग नरेंद्र कोटवानी निवासी फ्रीगंज ने भी कोरोना को हराया है। वे 13 अप्रैल को पॉजिटिव आए थे। उन्हें गुरुनानक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती किया गया था। यहां पर प्रॉपर ट्रीटमेंट मिलने के बाद वे स्वस्थ्य हो गए। उन्हें 27 अप्रैल को डिस्चार्ज कर दिया गया। 10 साल की उम्र से उनके एक पैर में तकलीफ है। कोटवानी भाजपा के पूर्व विधायक दिवंगत शिवा कोटवानी के भाई हैं।

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