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योग से होंगे निरोग:प्रदेश के 7 आयुर्वेदिक कॉलेज अब लोगों को सिखाएंगे कैसे 14 बीमारियों से दूर रहें

उज्जैन21 दिन पहलेलेखक: ओमप्रकाश सोणोवणे
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प्रदेश के 7 आयुर्वेदिक कॉलेज योग के माध्यम से 14 ऐसी बीमारियों से बचाव करना सिखाएंगे, जो जानलेवा भी हो सकती हैं। इन बीमारियों को आसान तरीके के योग के माध्यम से रोका जा सकता है, ठीक हुआ जा सकता है। यदि यह बीमारियां नहीं हैं तो यह योग करने से होंगी भी नहीं। आयुष संचालनालय ने प्रदेश के इन सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को यह जिम्मेदारी दी है। उप संचालक डॉ पीसी शर्मा ने प्राचार्यों को कहा है कि कॉलेज उन्हें आवंटित रोग विशेष के अनुसार योग का मोड्यूल तैयार कर संचालनालय को भेजें। उज्जैन आयुर्वेदिक कॉलेज को आवंटित दो बीमारियों- पाचन तंत्र बिगड़ने और हाइपोथाइराइज्म का योग माड्यूल तैयार कर भेज दिया है।

इसमें बताया है कि इन बीमारियों की रोकथाम, इनसे बचाव और इनके निराकरण के लिए कौन से योग आसन किए जाना चाहिए। आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ जेपी चौरसिया के मार्गदर्शन में योग विशेषज्ञ डॉ राकेश निमजे योग आसनों का वीडियो तैयार कर रहे हैं। निमजे के अनुसार वीडियो तैयार कर संचालनालय के मार्गदर्शन में नागरिकों के लिए जारी किए जाएंगे।

वीडियो में योग के आसान तरीके बताए जाएंगे, ताकि नागरिक घर पर ही इन्हें कर सकें। इन योग आसनों के माध्यम से वे न केवल बीमारियों से बचेंगे, बल्कि यदि पीड़ित हैं तो निदान भी हो सकेगा। योग आसनों को सरलतम तरीके से समझाया जाएगा। वीडियो के माध्यम से एक घंटे में योग आसनों को किया जा सकता है। कोई भी आसन 3 मिनट से ज्यादा का नहीं है।

भोपाल को पोस्ट कोविड, इंदौर को माइग्रेन, रीवा को अस्थमा

  • पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज भोपाल- पोस्ट कोविड व जनरल वेलनेस, शुगर, हाइपरटेंशन
  • पं. शिवनाथ शास्त्री आयुर्वेद कॉलेज बुरहानपुर- स्पाइन से संबंधित समस्याएं
  • शासकीय स्वशासी आयुर्वेद कॉलेज ग्वालियर- ओबेसिटी, डिप्रेशन
  • शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज इंदौर- आर्थ्रीटिस, माइग्रेन
  • शासकीय स्वशासी आयुर्वेद कॉलेज जबलपुर- कार्डिक और महिला स्वास्थ्य
  • शासकीय स्वशासी आयुर्वेद कॉलेज रीवा- अस्थमा, स्लीप डिसऑर्डर
  • शासकीय स्वशासी धनवंतरी आयुर्वेद कॉलेज उज्जैन- जीआईटी डिसऑर्डर, हाइपोथाइरडीस्म

उज्जैन का योग माड्यूल : पाचन तंत्र सुधारने के 16 आसान

1 पाचन तंत्र को ठीक रखने के लिए - ऊं का उच्चारण, सांस लेने और छोड़ने की प्रेक्टिस, शिथिलीकरण, आसन (16 तरह से), बंध, प्राणायाम, क्रिया और ध्यान।

2 हाइपोथाइरॉइडिज्म के लिए- ऊं का उच्चारण, नेक मुवमेंट, सांस लेने और छोड़ने की प्रेक्टिस, शिथिलीकरण, आसन (13 तरह से), बंध, प्राणायाम, क्रिया और ध्यान।

3 इन पूरे योग आसनों को करने में एक घंटे का समय लगेगा। वीडियो को देख कर नागरिक घर पर कर सकते हैं। 4 इसी तरह अन्य 6 कॉलेज के विशेषज्ञ भी बताई गई बीमारियों से संबंधित योग आसन का वीडियो बनाएंगे।

पाचन तंत्र खराब होना कई बीमारियों की जड़
डॉ निमजे के अनुसार पाचन तंत्र यदि खराब है तो कई बीमारियां हो सकती हैं। इनमें शुगर, एसिडिटी, अल्सर, अपच, गैस, भूख नहीं लगना, बवासिर, अपेंडिक्स प्रमुख हैं। इसी तरह हाइपोथाइरॉइडिज्म से गला फूलना घेंघा, किडनी खराब होना, हार्ड अटैक, मोटापा बढ़ना, ग्रोथ रुकना जैसी कई समस्याएं उत्पन्न होती है।
प्रशिक्षक भी तैयार कर रहे
कोरोना से पीड़ित मरीजों को अस्पताल या होम क्वारेंटाइन अवधि में हल्के व्यायाम और योग कराने के लिए भी यह विशेषज्ञ ट्रैनर तैयार कर रहे हैं। उन्हें ऐसे योग आसन बताए जाएंगे जिनसे मरीजों को बीमारी से राहत के साथ मानसिक रुप से भी स्वस्थ किया जा सके।

डॉ निमजे बताते हैं कि हमने डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को भी योग आसन और शुद्धि क्रियाएं सिखाई हैं ताकि वे अपने काम के दौरान तनाव और थकावट से बच सकें।

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