रंगोली से हरियाली बचाने का संदेश:उज्जैन में 20 किलो लकड़ी के बुरादे और धान से 4 घंटे में बनाई 12 फीट की रंगोली

उज्जैन3 महीने पहले
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दिवाली पर घर के आंगन में रंगोली बनाए जाने की परंपरा है। उज्जैन के रविशंकर नगर में रहने वाले खंडेलवाल परिवार की बेटियों ने लकड़ी और धान के बुरादे से खूबसूरत रंगोली तैयार की। यह कॉलोनी के साथ क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बन गई है। इसे देखने के लिए कई लोग इनके घर पहुंच रहे हैं।

रविशंकर नगर में रहने वाली पूर्वा खंडेलवाल ने 12 फीट लंबी और 6 फीट चौड़ी रंगोली बनाई है। खास है कि इसका सामान तैयार करने में ही दो दिन लग गए। इसमें पूर्वा को उनकी बहनों राधिका, रिया और नंदिनी खंडेलवाल ने भी साथ दिया है।

700 रुपए का खर्च
बुरादा, कलर और धान में 700 रुपए का खर्च आया। पूर्वा ने कहा कि इस बार रंगोली में कुछ अलग करने की चाह में रंगोली को धान और लकड़ी से बनाया गया है। पूर्वा ने बताया कि बाजार से 20 किलो लकड़ी का बुरादा और धान खरीदने के बाद उसे रंगा गया। 12 घंटे तक रंग चढ़ने के बाद मिक्स करके दिन में रंगोली बनाई। इसे बनाने में चार घंटे का समय लग गया।

लकड़ी के बुरादे और धान काे अलग-अलग रंगों में रंग कर रंगोली तैयार की।
लकड़ी के बुरादे और धान काे अलग-अलग रंगों में रंग कर रंगोली तैयार की।

पेड़ बचाएं ताकि हमें ऑक्सीजन मिल सके
पूर्वा ने कहा कि लकड़ी के बुरादे से हमने पेड़ को साकार किया है। इसके पीछे हमारा मकसद पेड़ कटने से बचाने का संदेश देना है। पेड़ों से ही हमारी जिंदगी है। इन्हीं से ऑक्सीजन मिल रही है। इसकी कीमत कोरोना ने अच्छे से समझा दी है।

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