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  • 72 Seater Aircraft Will Fly In Ujjain, Airbus Is Also Preparing, 459 Acres Of Land Will Be Acquired

दिल्ली जाते ही एक्शन में सिंधिया:उज्जैन में 72 सीटर विमान उड़ेगा, एयरबस की भी तैयारी, 459 एकड़ जमीन होगी अधिग्रहित, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, मांगे 200 करोड़

उज्जैन3 महीने पहले
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दताना मताना हवाई पट्‌टी उज्जैन - Dainik Bhaskar
दताना मताना हवाई पट्‌टी उज्जैन
  • उज्जैन एयरपोर्ट का मास्टर प्लान तैयार, फेज-1 में 252 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होगा, फेज-2 में एयरबस लैंडिंग के लिए लगेगी 207 एकड़ जमीन

महाकाल की शाही सवारी में सोमवार को पालकी पूजा करने आए केंद्रीय नागरिक उड्‌डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली लौटते ही उज्जैन में एयरपोर्ट की कवायद तेज कर दी है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एयरपोर्ट विस्तार के लिए 200 करोड़ रुपए खर्च करने को कहा है। इस संबंध में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सर्वे भी कर लिया है।

उज्जैन में पहले चरण में एटीआर-72 यानी 72 सीटर विमान चलाया जाएगा। इसके लिए 252 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। इसके बाद यहां एयरबस भी चलाई जाएगी। यह उज्जैन एयरपोर्ट के लिए तैयार मास्टर प्लान के फेज-2 की योजना है। इसके लिए एयरपोर्ट को 207 एकड़ अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता होगी। सिंधिया ने पहले फेज के लिए मुख्यमंत्री से जमीन उपलब्ध कराने के साथ 200 करोड़ रुपए की मांग की है।

पहले फेज में ही इस प्रोजेक्ट में उज्जैन-देवास राजमार्ग और उसके पूर्व में सड़क का डायवर्जन भी होना है। यह जमीन फिलहाल मप्र सरकार के नियंत्रण में है।

अभी ये है हवाई पट्‌टी की स्थिति
उज्जैन देवास रोड पर दताना-मताना हवाई पट्‌टी बनी है। यहां अभी छोटे विमान और हेलिकॉप्टर लैंड कर पाते हैं। हवाई पट्‌टी की 95 एकड़ जमीन उपलब्ध है। यहां का रनवे कोड-ए यानी प्रशिक्षण विमान संचालन के लिए तो उपयुक्त है, लेकिन फ्लाइट की लैंडिंग नहीं हो सकती।

इन कारणों से जरुरत है उज्जैन में एयरपोर्ट की -

उज्जैन के सबसे नजदीक इंदौर एयरपोर्ट 42 एयरमाइल दूर है। जबकि सड़क से यह दूरी 56 किमी है। इसलिए यहां एयरपोर्ट विकास की संभावनाएं हैं। उज्जैन पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। राज्य सरकार 700 करोड़ रुपए खर्च कर महाकाल परियोजना को विस्तार दे रही है। 2028 में यहां सिंहस्थ का आयोजन होना है। उसमें देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु सीधे उज्जैन में उतर सकेंगे। उज्जैन में जल्द ही उद्योग बढ़ेंगे उनके लिए भी एयरपोर्ट जरूरी है। इससे देवास इंडस्ट्रीयल एरिया को भी मदद मिलेगी दूसरी ओर इंदौर एयरपोर्ट पर अभी 52 उड़ानों का संचालन हो रहा है। 31 अक्टूबर से जारी होने वाले नए विंटर शेड्यूल में उड़ानों की संख्या बढ़कर 88 हो जाएगी। यहां एयर ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है, इसलिए भी उज्जैन में एयरपोर्ट जरूरी है।