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36 घंटे बाद भी अंधेरगर्दी:9 घंटे में 8 बार बिजली गुल, 250 से ज्यादा शिकायतें पेंडिंग

उज्जैन20 दिन पहले
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कंपनी के खेड़ापति जोन में कई लोग शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन यहां कर्मचारी उपलब्ध नहीं था।  इस दौरान यहां फोन की घंटी भी लगातार बजती रही। - Dainik Bhaskar
कंपनी के खेड़ापति जोन में कई लोग शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन यहां कर्मचारी उपलब्ध नहीं था। इस दौरान यहां फोन की घंटी भी लगातार बजती रही।

यह है पूर्व शहर संभाग का कियोस्क जोन। यहां शिकायत सुनने के लिए एक भी कर्मचारी नहीं है। उपभोक्ता एक टेबल से दूसरी टेबल पर पहुंचे तो वहां भी कर्मचारी बैठा हुआ नहीं मिला। टेलीफोन की घंटी लगातार बज रही है लेकिन रिसीव करने वाला कोई नहीं है।

किशनपुरा, देसाई नगर, टावर चौक फ्रीगंज आदि क्षेत्रों के रहवासी और व्यापारी बिजली की शिकायत करने पहुंचे तो उन्हें यहां कोई जिम्मेदार अधिकारी तो ठीक, कर्मचारी तक नहीं मिले। फ्रीगंज में मेडिकल संचालित करने वाले गोपाल भावसार ने बताया जोन पर शिकायत सुनने के लिए कोई कर्मचारी नहीं है। टेलीफोन भी रिसीव नहीं किया जा रहा है, जोन अधिकारी मोबाइल नहीं उठा रहे हैं। ऐसे ही हालात महाश्वेतानगर जोन के हैं।

ऋषिनगर और आसपास की कॉलोनियों में दो दिन से लाइट बंद है, लोग शिकायत करने के लिए जोन पर पहुंचे तो उनकी शिकायत तो दर्ज कर ली गई लेकिन बिजली समस्या का निराकरण नहीं किया गया। जोन प्रभारी मोबाइल भी रिसीव नहीं कर रहे हैं। प्री-मानसून शुरू होने के साथ ही शहर में फॉल्ट से बिजली बंद होने लगी है।
दफ्तरों के चक्कर लगा रहे लोग
हालात ऐसे हो गए हैं कि 36 घंटे में भी बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई है। लोग बिजली बंद होने की शिकायतें लेकर जोन कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। बिजली कंपनी के कार्यालय और कंट्रोल रूम में फोन की घंटी बज रही है लेकिन यहां फोन रिसीव करने वाला कोई नहीं है।

250 शिकायतें पेंंडिंग हो गई हैं। जोन प्रभारी और एई तथा जेई स्तर के अधिकारी भी फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं। बारिश में भी बिजली बंद होने की समस्याएं बनी रहेगी, क्योंकि बिजली कंपनी के अधिकारियों ने अब तक इसका कोई प्लान नहीं बनाया है और उच्चदाब मेंटेनेंस टीम के पास में पर्याप्त अमला भी नहीं है।

हालांकि बिजली कंपनी की ओर से जोन कार्यालय व जेई स्तर के अधिकारियों के मोबाइल नंबर जारी किए हैं। उपभोक्ता सीधे इन नंबर पर फोन लगा सकते हैं।

आपदा में भी अमला नहीं, कैसे हो सुधार
आपदा के समय में भी बिजली कंपनी की उच्चदाब मेंटेनेंस टीम को अमला उपलब्ध नहीं करवाया गया है। एक-एक शिफ्ट में केवल तीन-तीन कर्मचारी ही हैं और पूर्व शहर संभाग और पश्चिम शहर संभाग में 120 से ज्यादा फीडर है। ऐसे में लोगों की बिजली बंद की समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है। बारिश में बिजली बंद की तैयारियों को लेकर जो बैठक होना है, वह भी अब तक नहीं हुई है, यानी अब तक कोई प्लान तैयार नहीं है।

कंपनी के दफ्तर में रजिस्टर में नाम-नंबर नोट, लेकिन सुधार नहीं

पेड़ की डाल टूट कर तारों पर गिरी, दाे दिन से सप्लाई बंद
विद्यानगर के कुछ मकानों की बिजली पिछले दाे दिन से बंद है। यहां के लोगों ने बताया पेड़ की डाल टूटकर तारों पर गिर गई है, उसके बाद से यहां की बिजली बंद है। जोन कार्यालय पर दो-तीन बार शिकायत भी की लेकिन अब तक कोई सुधार कार्य के लिए नहीं आया है।
तीन बार शिकायत के बाद भी बिजली चालू नहीं
ऋषिनगर कॉलोनी में शुक्रवार रात 8 बजे से लाइट बंद है। लोग महाश्वेतानगर जोन पर तीन बार शिकायत कर चुके हैं। जोन प्रभारी यहां के रहवासियों के फोन भी रिसीव नहीं कर रहे हैं। यहां केवल दो कर्मचारियों को रजिस्टर लेकर बैठा रखा है जो लोगों के नाम व नंबर नोट कर रहे हैं।
इंदौर रोड की कॉलोनियों में सुबह से 8 बार बिजली बंद
इंदौर रोड की कॉलोनियों में रविवार को बिजली बंद होने का सिलसिला सुबह 6 बजे से शुरू हुआ। उसके बाद से लगातार बिजली बंद होती रही। दोपहर 3 बजे तक ही 8 बार बिजली बंद हुई। त्रिवेणी विहार, प्रीति परिसर, सनराइज सिटी, सिद्धि विहार, पावापुरी आदि कॉलोनियों में बिजली बंद होती रही।

स्थिति सामान्य होने लगी है, शिकायतों का निराकरण भी किया जा रहा है
आंधी के साथ हुई बारिश से पेड़ विद्युत लाइनों पर गिरने से बिजली सप्लाई प्रभावित हुई थी, जिसे बहाल कर दिया है। स्थिति सामान्य होने लगी है। जिन क्षेत्रों से शिकायतें आ रही है, उनका भी निराकरण किया जा रहा है।- आशीष आचार्य, एसई बिजली कंपनी

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