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  • After The Relief Of The Corona Period, Now The Recovery From The Bank's Dues Has Started; Till May, 12 Thousand 771 Crore Loans Were Outstanding On The People In The District.

बकायादारों को नोटिस:कोरोना काल की राहत के बाद अब बैंक के बकायादारों से वसूली शुरू; मई तक लोगों पर 12 हजार 771 करोड़ रुपए कर्ज बकाया था

उज्जैन12 दिन पहले
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प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो
  • एलडीएम बोले- 15 जुलाई तक वसूली रोक रखी थी, अब स्थितियां सामान्य होने पर पहले की तरह प्रक्रियाएं शुरू की जा रही हैं

कोरोना काल की राहत के बाद अब बैंकों के बकायादारों की मुश्किलें बढ़ने वाली है, क्योंकि इनसे वसूली शुरू होने वाली है। ऐसे में खासकर ऐसे लोग जो महामारी में इलाज में या कारोबार में नुकसान उठा चुके हैं उन्हें ईएमआई अदा करने में मुश्किलें आएंगी। इनके अलावा ऐसे लोग जो नौकरी खो चुके या फिर जिनकी आय पहले की तुलना में अब कम हो चुकी है, उन्हें भी दिक्कतों को सामना करना पड़ेगा। गौरतलब है मई 2020 की स्थिति में जिले की विभिन्न बैंकों का लोगों पर करीब 12 हजार 771 करोड़ रुपए बकाया था।

जिले की विभिन्न बैंकों से अलग-अलग कामों के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने ऋण ले रखा है। कोरोना काल में जबलपुर हाईकोर्ट ने प्रदेश के बकायदारों को राहत दी थी। आदेश जारी कर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि 15 जून तक कोई भी बैंक या फाइनेंस इंस्टिट्यूशन किसी भी राशि की रिकवरी के लिए कुर्की व वसूली आदि की कार्रवाई नहीं करेंगे। इसके अलावा भी बकायादारों से 15 जुलाई तक वसूली बंद रखी गई। लेकिन अब स्थितियां सामान्य होने लगी हैं तो बैंकों ने वसूली पर जोर देते हुए रिकवरी शुरू कर दी है।

वसूली के लिए यह प्रक्रिया

  • 1 बकाया राशि जमा कराने के लिए बकायादारों को नोटिस जारी किए हैं।
  • 2 वक्त रहते इएमआई अदा नहीं करने वालों पर कुर्की-नीलामी आदि कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है।
  • 3 बकाया ऋण मामलों में प्रमुख बकायादारों के अलावा जमानतदारों को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
  • 4 खाता खराब होने से बचे, इस आशय के चेतावनी पत्र भी जारी किए जा रहे हैं।

80 फीसदी बकायादार अपनी किस्त जमा करवाते रहे हैं
मई 2020 की स्थिति में जिले की विभिन्न बैंकों का लोगों पर करीब 12 हजार 771 करोड़ रुपए बकाया था। तब इनमें से करीब 150 करोड़ की बकाया राशि वाले कर्जदार कुर्की के दायरे में भी थे लेकिन इन पर कार्रवाई नहीं की जा रही थी। इसके अलावा जिले में करीब 25 हजार उपभोक्ता तब डिफाल्टर भी हो चुके थे। आंकड़ों से यह भी स्पष्ट था कि कोरोना काल के पहले तक हर महीने बैंकों में कर्जदारों से 80 फीसदी तक की ईएमआई जमा हो जाती थी लेकिन मार्च के बाद से इसमें कमी आई थी।

वहीं अब मई, जून और 15 जुलाई भी बीत गई हैं। ऐसे में बकायादारों पर कर्ज का यह आंकड़ा कम हुआ या और बढ़ा है, इसकी गणना में बैंक जुट गई हैं। बहुत जल्द ही स्थिति स्पष्ट होगी। बहरहाल वसूली के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

कर्जदारों से अब वसूली की शुरुआत हो गई है
जिले में 15 जुलाई तक बैंकों के कर्जदारों से वसूली रोक रखी थी। अब शुरू करवा दी है। कुल बकाया राशि का डेटा कितना है, यह भी जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा। उम्मीद है कि बकायादार वक्त पर ईएमआई अदा करते रहेंगे।
- संदीप अग्रवाल, एलडीएम, जिला उज्जैन

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