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  • Among The Young Innovators, Rajveer Of Ujjain Made Attack Detector Model, Will Be Honored In Delhi On Friday

आतंकी घटना ...अपराध होते ही सूचना पहुंचेगी थाने:उज्जैन के 13 साल के स्टूडेंट का इनोवेशन, बनाया अटैक डिटेक्टर मॉडल

उज्जैन3 महीने पहले

युवा इनोवेटर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर उज्जैन के 13 साल के राजवीर ने ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिससे सड़कों, चौराहों या भीड़ वाली जगह पर होने वाली आतंकी घटनाएं, दंगा, अपराध और एक्सीडेंट की जानकारी आर्टिफिशियल इंटिलिजेंट्स के जरिए तुरंत कमांड सेंटर या पास के पुलिस थाने में पहुंच जाएगी। इस इनोवेशन के लिए देश के 50 बच्चों में उज्जैन के राजवीर को शामिल किया गया। उसे दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा।

डिजिटल इंडिया के तहत विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने युवा इनोवेटर्स के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर प्रतियोगिता आयोजित की थी। इसमें देशभर के 200 छात्रों का चयन हुआ। ट्रेनिंग के बाद चुनिंदा 50 बच्चों को अपने आइडिया पर काम करने के लिए मेंटर मिले। इसके बाद सभी छात्रों के मॉडल को देखते हुए बच्चों का चयन हुआ है। इन्हें 14 से 16 सितंबर के बीच दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा।

इन बच्चों में उज्जैन के राजवीर का भी चयन हुआ है। शहर के सेंट्रल स्कूल में कक्षा 8वीं के छात्र राजवीर शहर के वृंदावन कॉलोनी में रहते हैं। वे फिलहाल उनके पिता विजय और मां सीमा चौहान के साथ दिल्ली में सम्मान लेने के लिए गए हुए हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़कर तैयार किया अटैक डिटेक्टर मॉडल
राजवीर ने बताया कि अटैक डिटेक्टर मॉडल तैयार किया है। पूरा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से काम करेगा। शहर के हर चौराहे पर लगे कैमरों को सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा। कैमरे में जैसे ही आतंकी घटना में गन या कोई अन्य वेपन सहित खून और एक्सीडेंट, महिला अपराध की घटना के संकेत मिलते हैं। वायलेंस का फोटो या वीडियो आते ही डिटेक्ट करेगा और अलार्म देगा। अलार्म सीधा कमांड सेंटर या संबंधित पुलिस थाने में बजेगा। इसके बाद पुलिस थाने से बल और अस्पताल से एम्बुलेंस जल्द से जल्द भेजी जा सकेगी। इसको ना सिर्फ चौराहे पर बल्कि भीड़ भरे बाजारों, अस्पताल, कोर्ट, मंदिर सहित अन्य जगह पर लगाया जा सकेगा।

देरी के कारण जान गंवाने वालों का सुनकर आइडिया आया
राजवीर ने बताया कि कई बार सुना की एक्सीडेंट या किसी भी घटना के बाद एम्बुलेंस या पुलिस के देरी से पहुंचने के कारण कई लोगों की जान चली जाती है। इसको लेकर आइडिया आया और इस दौरान मेरी शिक्षिका ने मुझे इस इवेंट की जानकारी दी। इसके बाद 200 छात्रों में चयन हुआ और फिर मेरे आइडिया से मुझे टॉप 50 में सिलेक्ट कर लिया गया।