नकली आइस्क्रीम:20 साल पहले अमूल की नकली आइस्क्रीम पकड़ी, तीन को एक साल की जेल

उज्जैन19 दिन पहले
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अमूल की नकली आइसक्रीम बेचने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों पर केस दर्ज कया था। 20 साल बाद कोर्ट ने सुनवाई करते हुए तीन आरोपियों को एक साल के जेल भेज दिया और 6 हजार रुपए का हर्जाना भी लगाया।

प्रथम श्रेणी न्यायाधीश पल्लवी की कोर्ट ने यह फैसल सुनाया। उन्होंने एसव्ही दीक्षित, डिपो इंचार्ज मेसर्स गुजरात को-आपॅरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड इन्दौर, घनश्याम जे.सोनी उप प्रबंधक क्वालिटी एश्योरेंस फर्म मदर डेयरी, गांधी नगर गुजरात और बीएम व्यास, मैनेजिंग डायरेक्टर फर्म गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड आनंद गुजरात को खाद्य अपमिश्रिण निवारण अधिनियम की धारा 7/16 में 01-01 वर्ष के कठोर कारावास एवं कुल 6,000 /-रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

घटना 31 जुलाई 2002 की है। अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी मुकेश कुमार कुन्हारे ने बताया कि खाद्य निरीक्षक एबी चौधरी जुलाई 2002 में औद्योगिक क्षेत्र आगर रोड उज्जैन पर राकेश जैन की खाद्य पदार्थ की थोक दुकान पर नमूना लिया। राकेश जैन ने फर्म का निरीक्षण किया और मालिक से अमूल कम्पनी की वेनिला आईस्क्रीम तथा स्ट्राबेरी आईस्क्रीम के 1250 एमएल के पैकेट जांच के लिए खरीदे। मौके पर ही दोनों आईस्क्रीम को नमूने जांच हेतु लिये गये।

जब्त की गई दोनों आईस्क्रीम को जांच के लिए लोक विश्लेषक भोपाल को भेजा गया। जहां से जांच रिपोर्ट में स्ट्राबेरी आईस्क्रीम का नमूना अवमानक स्तर का पाया गया था