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महाकाल मंदिर की नियमावली:नियमित दर्शनार्थियों को बायोमेट्रिक से दिन में एक ही बार प्रवेश, महीने में 90% उपस्थिति जरूरी, समय तय, त्योहारों पर लागू नहीं

उज्जैनएक महीने पहले
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महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन को सुगम बनाए जाने के लिए लगातार सुधार का दावा कर नियम बनाए जा रहे हैं। मंगलवार को भस्म आरती, गर्भगृह में प्रवेश के बीच अब नियमित श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था लागू कर दी गई है। लेकिन यहां मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड गाइडलाइन के पालन के लिए कोई नियम तय नहीं किए गए हैं।

मंगलवार को महाकालेश्वर मंदिर में नियमित दर्शनार्थियों के दर्शन हेतु समय निर्धारण किया गया है। जिसमें वे सुबह 7 बजे से 9 बजे और शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक महाकालेश्‍वर भगवान के दर्शन कर सकेंगे। श्रद्धालुओं को भस्मार्ती द्वार क्रमांक 4 से प्रवेश मिलेगा। यहां नियमित श्रद्धालुओं के लिए बायोमेट्रिक मशीन में उपस्थिति दर्ज कराना होगी।

श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक गणेश कुमार धाकड ने बताया कि नियमित दर्शनार्थियों को हर माह 90 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। इन्हें मंदिर के अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा। उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। धाकड़ ने यह भी कहा कि नियमित दर्शनार्थियों की मंदिर में प्रवेश अथवा दर्शन व्यवस्था प्रशासक के निर्देशानुसार परिवर्तनशील रहेगी।

ये रहेगा रास्ता -
भस्मार्ती द्वार नम्बर 4 से प्रवेश कर विश्रामधाम, रैम्प, मार्बल गलियारा से होते हुए द्वार नम्बर 6 के रास्ते सामान्य दर्शनार्थियों की भांति ही मंदिर में दर्शन कर सकेंगे। प्रथम एवं द्वितीय बेरिकेट्स में नियमित श्रद्धालुओं को प्रवेश की पात्रता नहीं होगी।

नियमित दर्शन करने वाले श्रद्धालु ये नियम भी जान लें -
- नियमित दर्शनार्थी दिन में एक बार मंदिर में दर्शन हेतु प्रवेश कर सकेंगे।
- वे अपने साथ किसी भी अन्य श्रद्धालु को नहीं ला सकेंगे।
- मंदिर में दर्शन हेतु निर्धारित समय के अतिरिक्त दिन में एक बार प्रवेश के बाद नियमित दर्शनार्थियों की दर्शन व्यवस्था सामान्य श्रद्धालु के समान रहेगी।
- विशेष पर्व (महाशिवरात्रि,नागपंचमी,श्रावण मास इत्यादि) पर प्रचलित दर्शन व्यवस्था अनुसार ही नियमित दर्शनार्थीगण मंदिर में दर्शन हेतु प्रवेश कर सकेंगे।

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