दबंगों ने घोड़ी से उतारा, पैदल गया दूल्हा:उज्जैन में दूल्हे को घोड़ी से उतारने का विरोध किया तो नाना से की धक्का-मुक्की, DJ और घोड़ी वाले को लौटाया

उज्जैन2 महीने पहले

उज्जैन। आजादी के 75 वर्ष बाद भी जात-पात को लेकर सामाजिक बहिष्कार कर रहे है । ऐसा ही एक मामला उज्जैन के ग्राम करोंदिया में सामने आया है। यहां दलित समाज के दूल्हे के बाने को जाट समाज के लोगों ने गांव में घूमने नही दिया। मंदिर के समीप ही दूल्हे को घोड़ी से उतार दिया। इस दौरान दूल्हे के नाना ने विरोध किया तो धक्का मुक्की हो गई । विवाद के बाद डीजे और घोड़ी वाले भी चले गए। लिहाजा दूल्हे को पैदल ही जाना पड़ा। मामले में शुक्रवार को शिकायत आईजी और एसपी तक पहुंची है।

दूल्हे को पैदल ही जाना पड़ा

घटना उन्हेल के ग्राम करोंदिया की है। यहां 3 मई को गांव में रहने वाले रोहित पिता बद्रीलाल का विवाह नागदा तहसील से चार किलोमीटर दूर मोयना में तय हुआ है। रोहित ने बताया कि 3 मई को गांव में उसका प्रोसेशन निकल रहा था। गांव में स्थित राम मंदिर के पहले ही जाट समाज के लोगों ने प्रोसेशन रोक कर दूल्हे को घोड़ी से उतार दिया। इस दौरान दूल्हे के नाना भेरुलाल ने विरोध किया तो धक्का देकर गिरा दिया। विवाद इतना बढ़ा कि डीजे और घोड़ी वाले वहां से रवाना हो गए। दूल्हे रोहित को पैदल ही गांव से जाना पड़ा। पीडित पक्ष ने घटना के बाद उन्हेल में शिकायत दर्ज कराई है।

घटना को लेकर अजाक्स ने सौंपा ज्ञापन

शुक्रवार को अजाक्स के जिलाध्यक्ष डॉ. आरएल परमार के नेतृत्व में समाजजनों तथा संघ के कार्यकर्ताओं ने आईजी तथा एसपी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से आईजी तथा एसपी को बताया कि थाना उन्हेल द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी FIR में शामिल न कर आरोपी को बचाने की कोशिश की जा रही है। 3 मई को शाम 7.10 बजे नागू पिता अम्बाराम जाट, कन्हैयालाल पिता गोविंद, मधुबाला पिता कैलाश जाट, शोभाराम पिता आशाराम जाट द्वारा बारात में गाली गलौच कर जाति सूचक शब्द कहे। आरोपी द्वारा जान से मारने की धमकी एवं जमीन बेचकर गांव से बाहर भगाने की धमकी दी जा रही है।

एसडीएम ने कहा शिकायत नही मिली

घटना को लेकर नागदा के एसडीएम आषुतोश गोस्वामी ने कहा कि हमारे पास घटना को लेकर कोई शिकायत नही मिली है । शिकायत मिलती है तो जांच कर कानूनी कार्यवाही की जायेगी।