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उज्जैन में पहली बार कैबिनेट की बैठक:मुख्य सीट पर बाबा की तस्वीर; साइड में बैठे शिवराज बोले-महाकाल यहां के राजा,हम सेवक

उज्जैन2 महीने पहले

मध्य प्रदेश के शासक शिवराज सिंह चौहान हैं, लेकिन उज्जैन पहुंचते ही वे भी सेवक हो जाते हैं। इसका एक उदाहरण मंगलवार को शहर में पहली बार हुई कैबिनेट की बैठक में देखने को मिला। यहां पर सीएम शिवराज के साथ पूरी कैबिनेट बैठी। अध्यक्षता उज्जैन के महाराजा भगवान महाकाल ने की।

टेबल की मुख्य सीट पर बाबा महाकाल की तस्वीर को आसीन किया गया। आसपास सीएम शिवराज और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य बैठे। बैठक में कैबिनेट ने शहर के विकास से जुड़ी कई योजनाओं को मंजूरी दी। सीएम ने कैबिनेट की बैठक के पहले खुद कहा- महाकाल महाराज से सबके कल्याण की कामना करता हूं। महाकाल महाराज यहां के राजा हैं, हम लोग सेवक हैं। सेवक के नाते हम लोग महाकाल महाराज से प्रार्थना कर रहे हैं।

उज्जैन में भगवान महाकाल की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। बाईं ओर सीएम शिवराज सिंह चौहान बैठे।
उज्जैन में भगवान महाकाल की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। बाईं ओर सीएम शिवराज सिंह चौहान बैठे।

कैबिनेट के फैसले

  • महाकाल कॉरिडोर अब 'महाकाल लोक' के नाम से जाना जाएगा।
  • 80 करोड़ रुपए से उज्जैन हवाई पट्टी का विस्तार होगा। इसे 30 हेक्टेयर से बढ़ाकर 41 हेक्टेयर किया जाएगा। बाद में एयरपोर्ट बनेगा।
  • पुलिस के बैंड में नई भर्तियां होंगी। इसके लिए 36 नए पद स्वीकृत किए गए।
  • क्षिप्रा नदी अविरल बहती रहे, उसको प्रवाहमान बनाने के लिए सैद्धांतिक सहमति बनी।
  • क्षिप्रा नदी का किनारा साबरमती रिवर फ्रंट की तरह विकसित होगा।
  • जल जीवन मिशन में 22 जिलों के लिए नल जल योजना को मंजूरी मिली।
  • पर्यटन के क्षेत्र में एक साथ 8 पुरस्कार मध्य प्रदेश को मिले।

2017 में विकास की परिकल्पना की
उज्जैन के संकुल भवन में हुई इस बैठक में सीएम ने कहा- ये ऐतिहासिक पल है, 2017 में जब अपनी सरकार थी, तब भूपेन्द्र सिंह यहां के प्रभारी मंत्री थे। उस समय ये परिकल्पना की गई थी कि महाकाल परिसर का विस्तार किया जाए। विचार-विमर्श के बाद इसके प्रारंभिक चरण में स्थानीय नागरिकों और स्टेक होल्डर्स से चर्चा कर ये योजना बनाई गई थी। एक साल में DPR का काम पूरा किया। अपनी कैबिनेट में ही पूरी चर्चा करके प्रथम चरण के लिए टेंडर 2018 में चुनाव के पहले बुलाए थे।

बाद में सरकार बदलने के बाद काम ठप पड़ गया, लेकिन 2020 में सरकार बनने के बाद उज्जैन का दौरा किया और पूरी समीक्षा की।

40 मिनट चली कैबिनेट बैठक
बैठक करीब 40 मिनट चली। सीएम ने कहा- महाकाल कॉरिडोर का उद्घाटन करने 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री आ रहे हैं। ये आयोजन केवल सरकार का नहीं बल्कि जनता का बने। महाकाल महाराज राजा और हम सब सेवक के रूप में बैठेंगे।

11 अक्टूबर को स्थानीय अवकाश
कैबिनेट मीटिंग के बाद सीएम ने कालिदास अकादमी में शहर के 150 प्रबुद्धजनों से मुलाकात की और उनसे सुझाव लिए। इस दौरान मंच पर संत शांति स्वरूपानंद जी महाराज, अतुलेशानंद जी, दिग्विजय दास, उमेशनाथ जी महाराज समेत अन्य संत मौजूद रहे।

सीएम ने बताया कि महाकाल लोक के लोकार्पण के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकाल लोक को देखने आएंगे। बैठक में सुझाव आया है कि इतने बड़े कार्यक्रम में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शहर में एक दिन का अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। सुझाव का स्वागत कर अवकाश घोषित कर दिया गया।

856 करोड़ का है प्रोजेक्ट
सीएम ने बताया कि प्रारंभ में परियोजना की लागत 97 करोड़ रुपए थी। उसको बढ़ाकर 856 करोड़ किया। इसके दो चरण थे, पहला चरण 351 करोड़ 55 लाख रुपए का और दूसरे चरण के लिए 310 करोड़ 22 लाख की स्वीकृति दी। इसमें भू-अर्जन भी शामिल है। कुछ लोगों को यहां से विस्थापित करना पड़ा। भू-अर्जन में करीब 150 करोड़ रुपए खर्च हुए।

पहले चरण में महाकाल रुद्रसागर एकीकृत विकास का काम, सौर ऊर्जा, पार्किंग, भूमि विकास, सहित तमाम काम कराए गए। रुद्र सागर सीवेज के पानी से पट जाता था अब उसमें क्षिप्रा जी का पानी डालकर सागर की तरह रखा जाएगा। दूसरे चरण में यहां महाराज वाड़ा परिसर का उन्नयन, छोटा रुद्र सागर, राम घाट लेक फ्रंट का डेवलपमेंट, नया वेटिंग हॉल, रुद्रसागर पश्चिमी मार्ग का विकास जैसे कामों के साथ हटाए जा रहे स्कूलों का निर्माण किया जाएगा।

यह पूरी परियोजना 856 करोड़ 9 लाख रुपए की है। ये सब महाकाल महाराज करवा रहे हैं, हम सब निमित्त मात्र हैं।

कमलनाथ बोले- महाकाल के सामने भी आप झूठ परोसेंगे, यह विश्वास नहीं था
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उज्जैन में हुई बैठक को लेकर कहा- कैबिनेट की बैठक भगवान महाकाल की तस्वीर रखकर आयोजित की गई थी। मुझे उम्मीद थी कि आज तो इस बैठक में सच ही परोसा जाएगा। वही निर्णय लिए जाएंगे जो पूरे होने वाले होंगे। आज हमेशा की तरह बैठक के नाम पर झूठी घोषणाएं और झूठे वादे जनता को नहीं परोसे जाएंगे, लेकिन जमकर झूठ परोसा गया।

सीएम ने कहा कि महाकाल मंदिर के विकास व विस्तार की योजना पर उनकी सरकार ने काम शुरू किया था और सरकार बदलने के बाद यह काम बंद सा हो गया। अब इससे बड़ा सफेद झूठ तो हो नहीं सकता है। पूरे प्रदेश व उज्जैन की जनता गवाह है कि हमारी सरकार में हमने उज्जैन के महाकाल मंदिर के विकास व विस्तार की योजना पर काम शुरू किया था, यह सोच भी हमारी थी, यह परिकल्पना भी हमारी थी।

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