गाड़ियां जब्त:एक्सीडेंटल गाड़ियों के चैसिस नंबर चोरी की कारों पर चढ़ाक, बेचने का शक

उज्जैन2 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
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  • महाराष्ट्र-गुजरात पासिंग 253 कारों की जांच में बड़ा गिरोह पकड़ाने की उम्मीद

शहर में संचालित कार बाजारों से जो महाराष्ट्र-गुजरात पासिंग 253 गाड़ियां जब्त हुई उनमें अधिकांश कारों के दस्तावेज डीलर उपलब्ध नहीं करवा पाए। बिकने आई गाड़ियों की एनओसी नहीं है। टैक्स चोरी भी पकड़ में आई। एक बड़ी आशंका यह भी लग रही कि कहीं बाहर की एक्सीडेंटल गाड़ियां भंगार में खरीदकर उनके चैसिस नंबर चोरी की कारों पर चढ़ाकर तो नहीं बेची जा रही है। अगर ऐसा हुआ तो बड़ा भंडाफोड़ उजागर होगा।

शहर के पांच थाना क्षेत्र में 21 जगह पर लगने वाले कार बाजार में आईपीएस डाॅक्टर रवींद्र वर्मा ने टीम के साथ एक साथ दबिश दी जिसके बाद से ऑटो डीलरों में हड़कंप मच गया। बुधवार को वे शाम तक अधिकांश अन्य राज्यों की गाड़ियों के पूरे दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवा पाए। इसमें उज्जैन समेत महाराष्ट्र व गुजरात आरटीओ से भी पुलिस ने संपर्क कर गाड़ियों के दस्तावेज व तकनीकी जांच में मदद मांगी है। टेक्नीकल टीम से सभी गाड़ियों के नंबर व चैसिस नंबर की भी जांच कराई जा रही है। एसपी सत्येंद्रकुमार शुक्ल ने बताया निश्चित रूप से गड़बड़ तो है। सभी गाड़ियों की डिटेल वेरिफाई होने में एक-दो दिन लगेंगे। कई तकनीकी बिंदुओं पर टीमें काम कर रही है।

अब पांच जगह गैरेज संचालकों के यार्ड पर दबिश, स्क्रेब में मिली कई गाड़ियां भी अन्य राज्यों की

आईपीएस अधिकारी डाॅक्टर वर्मा ने बुधवार को देवास रोड दताना-मताना, इंदौर रोड महामृत्युंजय द्वार, सांवराखेड़ी सिंहस्थ बायपास व वाकणकर ब्रिज के समीप बड़े गैरेज संचालकों के यार्डों में दबिश दी। यहां भंगार में जो गाड़ियां मिली उनमें भी अधिकांश महाराष्ट्र व गुजरात पासिंग थी। गैरेज मालिक पुलिस को संबंधित गाड़ियों के बारे कोई स्पष्ट जानकारी दे पाए और न ही उनके पास गाड़ियों के दस्तावेज व रिकाॅर्ड मिले। उन्हें भी 24 घंटे के भीतर स्क्रेब में रखी गाड़ियों की जानकारी उपलब्ध कराने के चेतावनी दी गई है। आशंका यहीं लग रही है कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है जो पहले एक्सीडेंटल गाड़ियां बीमा कंपनी अथवा अन्य लोगों से भंगार में खरीदता है। फिर उक्त गाड़ी का चैसिस नंबर व रजिस्ट्रेशन नंबर उपयोग कर उसी माॅडल की चोरी की गाड़ी पर चढ़ाने के बाद कहीं उसे बेचने के लिए कार बाजार का उपयोग तो नहीं कर रहा। वहीं फाइनेंस की सीज की गाड़ियां दो नंबर में भी यहां लाकर बेचने की संभावना है। कई बिंदुओं पर काम कर रही पुलिस टीमों का दावा है कि शुक्रवार तक वेरीफिकेशन पूरा होते ही बहुत कुछ सामने आएगा।

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