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धोखाधड़ी का बड़ा गिरोह हाेने की आशंका:घर में मिले शिकायती आवेदन, फर्जी नाम से आधार कार्ड और बैंक खाते

उज्जैन7 दिन पहले
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अस्पताल में भर्ती शिरीन हुसैन। - Dainik Bhaskar
अस्पताल में भर्ती शिरीन हुसैन।
  • ऐसा है फर्जी परामर्श केंद्र आरोपी महिला ने ऑफिस में खोल रखा था खुद का ‘पुलिस थाना’

ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी का बड़ा गिरोह होने की आशंका, धोखाधड़ी में गिरफ्तार महिला चार दिन का पुलिस रिमांड सुनते ही बीमार, अस्पताल में भर्ती

मानव अधिकार ट्रस्ट के फर्जी आईडी कार्ड व प्रमाण पत्र बेचने के मामले में पकड़ाई देवास रोड आदर्शनगर निवासी शिरीन हुसैन के घर तलाशी लेने पहुंची पुलिस चौंक गई। महिला के अलग-अलग नाम से कई आधार कार्ड और बैंक खाते मिले हैं।

खातों में लाखों रुपए का ट्रांजेक्शन होना भी सामने आया है। यह पता चलते ही एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल भी रविवार शाम नागझिरी थाने पहुंचे। पुलिस को आशंका है कि यह धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग का बड़ा गिरोह हो सकता है।

गिरफ्तारी के कुछ देर बाद ही बिगड़ गई तबीयत

यूनाइटेड मानव अधिकार ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष मधु यादव निवासी लखनऊ की रिपोर्ट पर नागझिरी पुलिस ने ट्रस्ट की बर्खास्त महासचिव देवास रोड आदर्श नगर निवासी शिरीन हुसैन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर शनिवार को शिरीन को गिरफ्तार किया था।

रविवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया। लेकिन कुछ देर बाद ही महिला की तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल से छुट्टी होने के बाद पुलिस उससे पूछताछ करेगी। घर से जब्त हुए दस्तावेजों की भी छानबीन शुरू कर दी गई है।

कई नाम से बैंक खाते, लाखों का ट्रांजेक्शन, डिटेल निकलवा रहे
शिरीन ने घर में ही ऑफिस बना रखा था और पुलिस थाने की तरह स्लोगन व स्टीकर लगा रखे थे। उसके घर तलाशी में मिले दस्तावेज देखकर पुलिस चौंक गई। शिरीन के बैंक में कई नामों से खाते मिले व आधार कार्ड पर भी फोटो उसका था लेकिन नाम अलग-अलग थे।

बैंक खातों में लाखों का ट्रांजेक्शन होना पाया गया। एसपी शुक्ल रविवार शाम नागझिरी थाने पहुंचे व जब्त दस्तावेजों की छानबीन की। एसपी ने बताया कि कई शिकायती आवेदन समेत बैंक पासबुक्स व आधार कार्ड जब्त किए हैं। बैंक खातों की सोमवार तक डिटेल आने के बाद आगे की जांच होगी।

घर से जब्त दस्तावेज में तीन नए नाम सामने आए, गाड़ी पर आयोग व अशोक चक्र वाला स्टीकर

पुलिस को महिला के घर से मिले दस्तावेज में कुछ सहयोगियों का पता चला है। तीन नाम सामने आए हैं। नागदा निवासी सुनील यादव, संजीव सिंह व इंदौर का पर्वत सिंह पहले ट्रस्ट से जुड़े थे, जिन्हें खाचरौद के नवोदय विद्यालय में वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग की शिकायत पर निकाल दिया था।

यह लोग गाड़ी पर फर्जी तरीके से आयोग व अशोक चक्र वाला स्टीकर लगाकर घूमते हैं व डराते हैं। पुलिस को इनकी पूरी जानकारी मिली है। किसी भोपाल निवासी युवक से भी गिरफ्तार महिला द्वारा 8 लाख रुपए की धोखाधड़ी का पता पुलिस को चला है। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

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