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विक्रम यूनिवर्सिटी का एग्रीकल्चर कोर्स विवाद में:उज्जैन में शुरू हुए नए कोर्स की राज्यपाल से शिकायत, कहा- यूजीसी और आईसीएआर की गाइडलाइन का उल्लंघन

उज्जैन10 दिन पहले
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  • पाठ्यक्रम शुरू किए लेकिन संसाधन नहीं, विधिवत अनुमति भी नहीं ली
  • विश्वविद्यालय की निर्धारित 180 में से 150 सीटों पर छात्रों ने लिया प्रवेश

विक्रम विश्वविद्यालय ने अगस्त में शुरू किए गए नए पाठ्यक्रम विवादों में आ गए हैं। बीएससी एग्रीकल्चर को लेकर राज्यपाल के समक्ष याचिका लगा कर शिकायत दर्ज कराई गई है। याचिका में बताया गया है कि विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रम शुरू करने के पहले विधिवत अनुमति भी नहीं ली। विश्वविद्यालय के पास ट्रेंड टीचर, प्रयोगशाला, खेती का अध्ययन कराने के लिए जगह भी उपलब्ध नहीं है।

अभी तक जितने एडमिशन हुए, बिना एंट्रेस एग्जाम के कर दिए गए, जबकि देश भर में एग्रीकल्चर कोर्सेस में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को एंट्रेंस एग्जाम पास करना जरूरी है। याचिकाकर्ता ने राज्यपाल के समक्ष दो शिकायती याचिकाएं लगाई हैं। 9 सितंबर को प्रदेश भर के एग्रीकल्चर काॅलेज में हो रही लापरवाही के बारे में सवाल खड़े किए गए हैं। दूसरी याचिका 6 अक्टूबर को लगाई गयी है। इसमें विश्व विद्यालय में हुए अवैध एडमिशन को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है।

विक्रम विवि द्वारा शुरू किए गए बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम को लेकर जबलपुर कृषि विश्वविद्यालय के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉक्टर पीजी नचपांडे ने राज्यपाल मंगू भाई पटेल के समक्ष याचिका दर्ज कर शिकायत दर्ज कराई है। प्रोफेसर नचपांडे ने आरोप लगाया है कि कोर संचालन के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च की गाइड लाइन के अनुसार अनुमति नहीं ली।

प्रो. नचपांडे ने बताया कि बिना अनुमति प्रारंभ किए जा रहे इन पाठ्यक्रम के कारण विद्यार्थियों को जो डिग्रियां मिलेंगी उनके मान्यता नहीं रहेगी ऐसी डिग्रियां अवैध घोषित हो जाएंगी। ऐसे में विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने के पूर्व विधिवत अनुमति लेने और संसाधन जुटाने के बाद ही पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जाना चाहिए।

विक्रम विवि में बीएससी एग्रीकल्चर के लिए 180 सीटें
विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किए गए बीएससी एग्रीकल्चर के लिए इस वर्ष 180 सीटों का निर्धारण किया है। प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से अब तक 150 सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया भी पूर्ण हो गई है। इस पाठ्यक्रम के लिए वार्षिक शुल्क 57 हजार रुपए निर्धारित किया है। अभी तक करीब 150 सीटों पर प्रवेश हो गया है। इसमें विद्यार्थियों ने प्रथम किस्त के रूप में 30 हजार रुपए जमा भी करा दी है। इस आधार पर विक्रम विवि में बीएससी एग्रीकल्चर में प्रवेश लेने वाले 150 विद्यार्थियों से करीब 45 लाख रुपए जमा हो गए हैं। शेष 30 सीटों पर 10 अक्टूबर की अंतिम तिथि घोषित की है।

याचिककर्ता के आरोप
- इंडियन काउंसिल एग्रीकल्चर रिसर्च द्वारा डिग्री अवैध घोषित कर दी जाएगी।
- देश भर में प्रवेश के लिए प्री टेस्ट होता है यहां बिना टेस्ट के एडमिशन करा दिये गये।
- इन छात्रों को पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए कहीं भी एडमिशन नहीं मिलेगा। इससे पहले भी 900 डिग्री अवैध घोषित हुई है।
- नए कोर्सेस यूजीसी के 49 करोड़ रुपए से शुरू किये गए हैं।

कुलपति प्रोफेसर पांडे ने कहा अनुमति की आवश्यकता ही नहीं
विक्रम विश्वविद्यालय के नए पाठ्यक्रम बीएससी एग्रीकल्चर पर लगाई गई आपत्ति को लेकर कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडे ने कहा इस पाठ्यक्रम के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। इस वर्ष मेरिट के आधार पर हमने एडमिशन दिए हैं। अगले वर्ष से इंट्रेंस टेस्ट से एडमिशन की प्रक्रिया पूरी की जायेगी।

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