कोरोना रिटर्न:फिर ट्रेवल हिस्ट्री से मिला कोरोना, नए वैरिएंट का शक

उज्जैनएक महीने पहले
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यह भीड़ भारी पड़ सकती है... - Dainik Bhaskar
यह भीड़ भारी पड़ सकती है...
  • महिला सात दिन पहले मुंबई गई थी, लौटने पर तबीयत बिगड़ी, कोविड टेस्ट कराया तो पॉजिटिव निकली
  • संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाना होगा, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी जरूरी

डेंगू के बढ़ते मरीजों के बीच जिले में कोरोना ने फिर से दस्तक दे दी है। त्योहारों के बीच महिला मरीज के संक्रमित पाए जाने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। महिला सात दिन पहले मुंबई गई थी, जहां से लौटने पर तबीयत खराब होने पर कोविड टेस्ट करवाने पर पॉजिटिव पाई गई। मुंबई में अब भी कोरोना का संक्रमण बना हुआ है। हालांकि महिला को कोविशील्ड के दोनों डोज लग चुके हैं, लेकिन कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने और बाहर यात्रा पर जाने से संक्रमण की चपेट में आ गई।

कोविड विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के नए वैरिएंट से वैक्सीनेशन के बाद भी संक्रमित हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते रहें। संक्रमण से बचने के लिए मास्क लगाना होगा और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। भीड़ में जाने से भी बचना होगा। त्योहारों पर मार्केट में भीड़ बढ़ने से भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है। पूरी सेफ्टी के साथ खरीदारी के लिए जाएं। पूर्व में संक्रमित पाए गए फ्रीगंज के दंपती और बैंककर्मी के मामले में भी यह बात बात सामने आई है कि उन्हें कोविशील्ड के दोनों डोज लगाने के बाद भी संक्रमण पाया गया था।

मंगलवार को पॉजिटिव पाई गई गोवर्धनधाम की महिला में नया वैरिएंट हो सकता है, जिसकी जांच के लिए सैंपल भेजा जाएगा। महिला के पति का भी सैंपल लिया है, जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है। कोविड-19 के नोडल डॉ. एचपी सोनानिया के अनुसार वैक्सीन के दोनों डोज लगने के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया तो संक्रमित हो सकते हैं। त्योहारों पर लोगों को अवेयर रहना होगा। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते रहें।

सी.1.2 नया वैरिएंट... एंटीबॉडी के बाद भी संक्रमित कर सकता है

कोविड विशेषज्ञों ने रिसर्च में पाया है कि नया सी.1.2 वैरिएंट कोविड वैक्सीन से बनी एंटीबॉडी के बाद भी मरीज को संक्रमित कर सकता है। अक्टूबर-नवंबर जोखिम भरे हैं। ऐसे में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। वैक्सीन से वंचित लोग पहला व दूसरा डोज लगवाएं, प्रोटोकॉल का पालन करते रहें। नए वैरिएंट का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग मरीज का सैंपल लेकर जांच के लिए दिल्ली भेजेगा। उसमें पता चल सकेगा कि मरीज नए वैरिएंट से संक्रमित हुआ है या नहीं।

उज्जैन में पहले डेल्टा वैरिएंट के दो मरीज पाए जा चुके हैं, जिनमें से एक महिला मरीज की मौत हो चुकी है। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के कोविड नोडल अधिकारी डॉ. सुधाकर वैद्य का कहना है नया वैरिएंट वैक्सीन से बनी एंटीबॉडी को चकमा दे रहा है व संक्रमित कर सकता है। वैक्सीन लगने का मतलब यह नहीं माना जाए कि लोग बगैर मास्क के रहें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करें। नए वैरिएंट से वैक्सीन लगाने के बाद भी संक्रमित हो सकते हैं।

इनसे सीखें... डॉक्टर्स जो अभी भी कर रहे प्रोटोकॉल का पालन : जिला अस्पताल से लेकर प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर्स और स्टाफ अब भी कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन कर रहे हैं। कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ. सोनानिया व आरआर टीम के नोडल अधिकारी डॉ. रौनक एलची व आरएमओ डॉ. जीएस धवन आदि डॉक्टर मास्क लगा रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं और सैनिटाइजर का उपयोग कर रहे हैं। मरीजों को दूर से ही देखकर इलाज लिख रहे हैं।

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