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साइड इफेक्ट:कोरोना का साइड इफेक्ट, ठीक होने के बाद भी कमजोरी, सुस्ती और सांस की तकलीफ

उज्जैनएक महीने पहले
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भले ही शहर व जिले में पिछले नौ दिनों में पॉजिटिव मरीजों की संख्या कम हुई है और हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर घर पहुंचने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है लेकिन स्वस्थ होने के बाद भी लोगों की तकलीफें कम नहीं हुई हैं। उन्हें कमजोरी महसूस हो रही है। सांस फूल रही है। सुस्ती, कमर व हाथ-पैर का दर्द बना हुआ है यानी रिपोर्ट निगेटिव आ गई, संक्रमण चला गया लेकिन शारीरिक शिथिलता से अब तक मरीज उबर नहीं पा रहे हैं।

स्वस्थ होकर अपने घर पहुंच चुके मरीजों ने कहा रिपोर्ट निगेटिव आने और स्वस्थ होने के बाद भी उन्हें अभी भी थकान सी लग रही है। बेड रेस्ट ही करना पड़ रहा है। ऐसे में मार्केट में बगैर मास्क के घूम रहे लोगों के लिए यह सबक है कि वे विशेष सावधानी बरतें और प्रोटोकाल का पालन करें।

2762 मरीज ठीक, एक्टिव मरीज घटकर 245 हुए
शहर व जिले में अब तक 3645 मरीज पॉजिटिव पाए जा चुके हैं, इनमें से 3345 मरीज स्वस्थ होकर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो चुके हैं यानी 50 से 60 मरीज रोज डिस्चार्ज हो रहे हैं। पॉजिटिव की संख्या में भी कमी आई है, हर दिन 15 से 25 मरीज ही पॉजिटिव आ रहे हैं।

मरीज बोले- कोरोना से ठीक तो हो गए लेकिन फिट नहीं हो पा रहे

25 सितंबर को पॉजिटिव आए थे। माधवनगर में इलाज के बाद 4 अक्टूबर को डिस्चार्ज होकर घर पहुंचे हैं। विवेक भावसार का कहना है रिपोर्ट तो निगेटिव आ गई, लेकिन सुस्ती बनी हुई है। कमजोरी लग रही है, जैसे शरीर में ताकत ही नहीं हो। नींद बहुत आ रही है। भरपेट खाना खा रहा हूं फिर भी एनर्जी नहीं आ रही है। लोग मास्क का महत्व समझें।

-विवेक भावसार, उम्र - 52, ऋषिनगर

रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर संजय व्यास को 14 सितंबर को भर्ती किया था। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद 5 सितंबर को डिस्चार्ज होकर घर पहुंचे हैं। व्यास का कहना है भले ही ठीक होकर घर आ गया हूं पर कमजोरी बनी हुई है। चढ़ाव चढ़ते-उतरते समय सांस भर जाती है। लोग प्रोटोकाल का पालन करें। घर से निकलने के दौरान मास्क पहनें।

-संजय व्यास, उम्र - 44, ऋषिनगर

संतोष व्यास की तीन रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद 8 सितंबर को चौथी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इंदौर में इलाज के बाद 21 सितंबर को डिस्चार्ज होकर घर पहुंचे हैं। व्यास का कहना है मैं अभी भी होम क्वारेंटाइन में रह रहा हूं। कमर दर्द, थकान हो रही है। लोग प्रोटोकाल का पूरा पालन करें। मास्क पहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

-संतोष व्यास, पार्षद उम्र-41 ऋषिनगर ​​​​​​​

एक्सपर्ट व्यू- कोविड के कारण निमोनिया फेफड़ों में जगह बना लेता और उन्हें कमजोर कर देता

निमोनिया में फेफड़े द्रव से भर जाते हैं और सूजन के कारण सांस में कठिनाई होती है। कोविड के कारण होने वाला निमोनिया दोनों फेफड़ों में पकड़ बना लेता है। जिसमें ऑक्सीजन लेने की उनकी क्षमता सीमित हो जाती है। इससे चलने या चढ़ाव चढ़ने-उतरने के दौरान सांस भरने लगती है। कमजोरी महसूस होती है। बीमारी के बाद भी फेफड़ों की चोट से सांस लेने में तकलीफ हो सकती है, जिससे उबरने में कई महीने लग सकते हैं।

- डॉ. सुधाकर वैद्य, नोडल अधिकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल

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